ध्यान से ही शांति की अनुभूति होती है : लोकेश

भास्कर न्यूज | धमतरी श्री प्रेम प्रकाश आश्रम परिसर में 41 दिवसीय चालीहा महोत्सव के 15वें दिन चालीसा पाठ हुआ। श्रद्धालु भजनों में झूमते रहे। संत लोकेश कुमार ने प्रेम प्रकाश मंडल के अध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश महाराज का संदेश सुनाया। उन्होंने कहा, गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है प्रशांत मनसा ह्येनं। यानी जिसका मन शांत, स्थिर और उत्तेजना रहित होता है, वही सिमरन कर मुझे प्राप्त कर सकता है। शांति केवल मुझमें समाई है। जब मन स्थिर होता है, तभी जीव मेरा ध्यान कर पाता है। ध्यान से ही परम शांति की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया, आचार्य स्वामी टेऊंराम महाराज ने अपने मन को स्थिर किया। संसार की तृष्णाओं को मिटाया। गुरु नाम के सिमरन से परम शांति को प्राप्त किया। उन्होंने समाज को संदेश दिया कि झील शांत होती है, सागर अशांत, क्योंकि झील छोटी होती है, सागर विशाल। इसी तरह यदि हमारी जरूरतें कम होंगी तो हम शांति के करीब होंगे। जरूरतें ज्यादा होंगी तो शांति दूर होगी। भजन गाने वालों में सरला वाधवानी, मंजू रोहरा, मनीषा रोहरा, ओम प्रकाश हरिरामानी, प्रकाश वाशानी, हितेश वाधवानी, बंटी वाधवानी और मनीष आसवानी शामिल रहे। सत्संग में प्रहलाद आहूजा, राजेश चावला, हितेश रोहरा, राजकुमार पोपटानी, अज्जू वाधवानी, नरेश वरयानी, अंश लखवानी, किशोर वाधवानी, चिराग रोहरा, मनीष आसवानी, अनिल लखवानी, राहुल मंगलानी, सौरभ लालवानी, कारण जगमलानी, शंकर भोजवानी, सोनू रूपरेला और मोती चावला मौजूद रहे।

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