भास्कर न्यूज | अमृतसर निगम में डीए भुगतान-लोन धोखाधड़ी मामले में जांच अधिकारी लगाए गए ज्वाइंट कमिश्नर की ओर से जांच लगभग पूरी की जा चुकी है। जल्द ही यह रिपोर्ट निगम कमिश्नर को सौंप दी जाएगी जिसके बाद बड़ा एक्शन लिया जा सकता है। निगम सूत्रों की मानें तो मामले में जांच अफसर ने हेल्थ अफसर का स्टेटमेंट ले ली है अब बैंक मैनेजर का बयान लेना बाकी है। जरूरत पड़ी तो जाली साइन है या नहीं इसकी पुष्टि कराने के लिए हैंड राइटिंग एक्सपर्ट की मदद भी ली जाएगी। दरअसल, यह कोई पहली बार नहीं जब धोखाधड़ी होने पर हेल्थ अफसर के जाली साइन बता दिए गए हों। बता दें कि 20 दिन पहले जाली तरीके से लोन जारी करवाने का मामला सामने आने के बाद निगम कमिश्नर ने एस्टेब्लिशमेंट क्लर्क हैप्पी को सस्पेंड कर ज्वाइंट कमिश्नर को जांच के आदेश दिए थे। मामले की जांच करीब 20 दिन से चल रही है जो अगले हफ्ते तक पूरी हो सकती है। जिसके बाद फाइनल रिपोर्ट निगम कमिश्नर को सौंप दी जाएगी। मास्टरमाइंड ने बैंक से लोन पास करवाने के लिए जो डॉक्युमेंट्स चाहिए वह कैसे तैयार कराए गए इस पर भी जांच की जा रही है। चूंकि इतनी बड़ी साजिश में सिर्फ क्लर्क का होना समझ से परे हैं। जिन 2 लोगों ने 30 लाख रुपए का लोन लिया है, वह निगम के मुलाजिम हैं या नहीं यह रिकार्ड भी चेक किया जा रहा है। बैंक से लोन लेने के लिए सैलरी स्लिप, निगम कर्मी का आईडेंटिटी कार्ड यह कैसे तैयार कराने के अलावा बैंक मुलाजिमों की ओर से हुई गड़बड़ियों को आधार बनाया गया है। सीनियर एडवोकेअ पीसी शर्मा का कहना है कि मामले की शिकायत डायरेक्टर विजिलेंस को भेजी है। यह भी मांग की है कि पूरे मामले की जांच थर्ड पार्टी या विजिलेंस से करवाई जाए। किसी भी विभाग में फर्जीवाड़ा या धोखाधड़ी मामले जब सामने आते हैं, तो जिम्मेदार अफसर का जवाब यही होता है कि उसके जाली साइन किए गए। बरसों से धोखाधड़ी करने व जाली तरीके से लोन निकलवाने के मामले हेल्थ विभाग में सामने आते रहे हैंं और एचओडी को पता नहीं, यह समझ से परे है। जितने भी मामले इस तरह के अब तक हुए, सभी में साइन को लेकर हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच करानी चाहिए। ^जल्द ही जांच पूरी कर निगम कमिश्नर को सौंप दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच करवाई जाएगी। – जय इंदर सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर 20 दिन पहले 2 मुलाजिमों पर अफसरों-मुलाजिमों से मिलीभगत कर जाली दस्तावेजों और हेल्थ अफसर के जाली साइन कर 15-15 लाख रुपए लोन लेने का मामला सामने आया था। इस के अलावा साल 2015 के 6 माह का डीए भुगतान के लिए 174 मुलाजिमों के दिया जाना था लेकिन अंदरखाते मेन लिस्ट को बदलकर 66 की लिस्ट तैयार की गई। इनमें भी 8 मुलाजिमों को 47 से 63 हजार रुपए तक डीए का भुगतान करने का मामला सामने आया था। इस मामले में भी जाली साइन होने की बातें सामने आ रही हैं। वहीं जिन 2 लोगों को जाली डॉक्यूमेंट के आधार पर लोन दिलाया गया डीए भुगतान में उनके भी नाम शामिल हैं। हैरान करने वाली बात तो यह है कि बरसों से जाली साइन का खेल अंदरखाते चलता रहा मगर जिम्मेदार अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दमदमी टकसाल एवं अन्य गर्म ख्याली संगठनों के साथ टकराव टालने के लिए 10 मार्च 2025 का फार्मूला 6 जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर दोहरा सकती है। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज अमृतवेले 6 बजे से पहले ही सिख कौम के नाम संदेश पढ़ सकते हैं। पंथक सूत्रों के अनुसार, एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस फार्मूले पर भी मंथन किया गया है। गौरतलब है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर हर साल सुबह करीब 7.40 बजे जत्थेदार सिख कौम के नाम संदेश देते हैं। शिरोमणि कमेटी ने जत्थेदार कुलदीप सिंह की ताजपोशी के लिए जारी की गई सार्वजनिक सूचना के तहत सुबह 10 बजे का समय निर्धारित किया था, लेकिन टकराव की आशंका के चलते रात के अंधेरे में करीब 2 बजे गुपचुप तरीके से उनकी ताजपोशी कर दी गई थी।


