डीग: 20 महीने में 1316 जगहों पर चोरों ने चोरी को दिया अंजाम, पुलिस ने खुलासा सिर्फ 480 का किया

डीग जिले के नगर थाना क्षेत्र के गोकुल धाम में पांच महीने पहले दिनदहाड़े 80 लाख रुपये की चोरी का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। अब इस मामले की जांच भरतपुर एसपी मृदुल कच्छावा की निगरानी में होगी। पिछले पांच महीने में डीग पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण पीडि़ता डॉ. अनामिका भारद्वाज ने डीग एसपी से लेकर आईजी तक कई बार कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीडि़ता ने अति. महानिदेशक पुलिस अपराध शाखा राजस्थान से भी शिकायत की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित एसएचओ ने मौखिक रूप से कहा कि राजनैतिक दबाव के कारण मामले में कार्रवाई नहीं हो पा रही है और प्रकरण को दूसरे विधानसभा क्षेत्र में ट्रांसफर करवाने की सलाह दी। इसके बाद अति. महानिदेशक ने इस प्रकरण में कार्रवाई का आदेश आईजी को दिया। आईजी राहुल प्रकाश ने मामले की जांच एडिशनल एसपी सिकाऊ भरतपुर को सौंपी है। अब इस जांच की निगरानी एसपी मृदुल कच्छावा करेंगे। गौरतलब है कि पांच महीने पहले नकाबपोश चोरों ने डॉ. अनामिका भारद्वाज के घर से करीब 80 लाख रुपये का सामान चुरा लिया था। चोरी में 20 लाख रुपये नकद, 24 कैरेट सोने के तीन बिस्किट और 900 ग्राम के जेवरात शामिल थे। चोरों ने दोपहर 3 बजे वारदात को अंजाम दिया था। सीसीटीवी फुटेज में चोरों की तस्वीरें कैद होने के बावजूद पुलिस अब तक कोई ठोस सुराग नहीं ढूंढ पाई है। डीग जिले के सभी थाना क्षेत्रों में 20 महीने में 1316 चोरी की घटनाएं हुई। जिसमें पुलिस 480 घटनाओं के खुलासे पुलिस कर चुकी है,जबकि 334 का खुलासा अभी तक नहीं कर पाई है। वहीं 503 घटनाओं का इनवेस्टिीगेशन चल रहा है। पिछले 10 महीने यानी जनवरी 2024 से अक्टूबर तक चोरों ने 633 घरों में चोरी का अंजाम देकर करीब 1.90 करोड़ रुपये के सामान चुरा लिया। जिसमें पुलिस द्वारा 18 प्रतिशत यानी 34.5 लाख रुपये बरामद किया है। पीडि़ता अनामिका भरद्वाज ने आरोप लगाया कि उनके घर में चार कर्मचारी काम करते थे,जो उनके लेनदेन व खजाने के बारे में जानकारी रखते थे। सभी कर्मचारियों का राजनीतिक संबंध है। जिसके कारण पुलिस उनलोगों को हाथ तक नहीं लगा रही है। चारों कर्मचारियों में कंप्यूटर ऑपरेटर आशीष पटवा रुपयों का लेनदेन व सभी कैश कैश की जानकारी रखते थे। पीआरओ रमेश फौजदार सभी प्रकार के सामान की खरीदारी करते थे। कालू व उर्फ राजेंद्र ड्राइवर व जीतेंद्र पटवा पुराना ड्राइवर शामिल है।

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