उप क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय द्वारा मंगलवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में रोजगार सहायता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में लगभग 1500 बेरोजगार युवाओं ने भाग लिया। निजी क्षेत्र के 26 नियोजकों और सरकारी संस्थानों की भागीदारी से आयोजित इस शिविर में कुल 372 युवाओं का रोजगार के लिए प्रारंभिक चयन किया गया, जबकि 259 युवाओं का व्यावसायिक मार्गदर्शन एवं कौशल प्रशिक्षण हेतु पंजीकरण किया गया। शिविर में 930 प्रार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। निजी क्षेत्र के 18 नियोजकों ने रोजगार सृजन में भागीदारी निभाई। प्रारंभिक चयन में विभिन्न कंपनियों ने प्रमुख भूमिका निभाई, जिसमें जॉब जंक्शन ने 10, कल्याण ज्वेलर्स इंडिया लिमिटेड ने 7, एनआईआईटी लिमिटेड ने 15, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने 8, बीकानेर मोटर्स ने 13, भारतीय जीवन बीमा निगम ने 65, स्वतन्त्र माइक्रोफीन ने 36, देसाई ब्रदर्स लिमिटेड ने 62,एसआईएस सिक्योरिटी ने 64 सहित अन्य कंपनियों ने युवाओं का रोजगार के लिए चयन किया। प्रशिक्षण और स्वरोजगार पर जोर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, और आरसेटी ने युवाओं को व्यावसायिक मार्गदर्शन और कौशल विकास के अवसर प्रदान किए। 259 युवाओं ने इस अवसर का लाभ उठाया। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, अनुजा निगम, और जिला उद्योग केंद्र ने 146 युवाओं को स्वरोजगार के लिए मार्गदर्शन और ऋण सुविधाओं की जानकारी दी। इसी प्रकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, और जिला अल्पसंख्यक कार्यालय ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। शिविर का अवलोकन और सराहना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल.डी. पंवार ने शिविर में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया। रोजगार कार्यालय के उपनिदेशक हरगोबिंद मित्तल ने शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। शिविर प्रभारी चौधरी दिनेश कुमार ने बताया कि शिविर में कुल 777 प्रार्थी नियोजन, प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित हुए। शिविर में विजय व्यास, महेश पुरोहित, राजेश पारीक, रितेश आचार्य, गौरव सोनी, नीरज नागपाल और आरसेटी के कपिल पुरोहित का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन हसन खान ने किया।


