धर्मांतरण के विरोध में महाबंद:धमतरी में हिंदू संगठनों ने निकाली रैली, कड़ा कानून बनाने की मांग; राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरूद में धर्मांतरण और लव जिहाद के विरोध में 9 जून को महाबंद का आयोजन किया गया। हिंदू समाज संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस बंद को सर्व समाज का समर्थन मिला। कुरूद नगर में विशाल रैली निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। पुराना बाजार चौक में धर्म सभा का आयोजन किया गया। व्यापारियों ने भी बंद में सहयोग किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुरूद नगर के आसपास के गांवों में धर्मांतरण और चंगाई सभाएं की जा रही हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में लव जिहाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संगठन का मानना है कि यह एक संयोजित योजना का हिस्सा है। इसके लिए कड़े कानून बनाने की मांग की गई है। राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन हिंदू समाज संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग की गई है। साथ ही प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन किया जाएगा। उग्र आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन में कहा है कि राष्ट्र सुरक्षा और हिंदू समाज और भारतीय संस्कृति की सुरक्षा के लिए उक्त सभी बिंदुवार मांगो पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए। मांगो के ऊपर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर ये आंदोलन और उग्र तरीके से पूरे धमतरी जिले और बाद में पूरे राज्य में किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी केवल शासन प्रशासन की होगी। ये है मांगे 1. गली गांव में फेरी लेकर घूमने वाले बाहरी लोगों के आधार कार्ड, आई डी कार्ड की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएं। 2. किसी भी बेटी की शादी में उनके माता-पिता की लिखित अनुमति का होना अनिवार्य किया जाए, चाहे लड़की बालिग या नाबालिक। 3. धर्मांतरण और लव जिहाद, गर्भ जिहाद के खिलाफ कठोर एवं सख्त कानून बनाया जाए, जिनकी सजा आजीवन कारावास एवं मौत की सजा तक किया जाए। साथ ही इस तरह के कृत्यों में शामिल लोगों के संपत्ति की भी जब्त किया जाए। धर्मांतरण/मतांतरण एवं लव जिहाद, गर्भ जिहाद में सहयोग करने वाले लोगों को भी संपति जब्त के साथ आजीवन कारावास तक की सजा के लिए कठोर कानून बनाएं। 4. गांव-गांव, शहर नगर में चल रहे चंगाई सभा के नाम पर अवैध रूप से हिंदू समाज के लोगों को एकत्रित कर ईसाई प्रार्थना करवाने वाले पास्टरों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज किया जाए और उनकी सारी संपत्ति को जब्त किया जाए। 5. हिंदू देवी देवताओं के मंदिर के आसपास 1 किलोमीटर के दायरे में किसी भी गैर हिंदू की दुकान को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाएं। 6. आर्य समाज में होने वाली शादी से पहले एक महीने तक दावा आपत्ति का प्रकाशन समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाना अनिवार्य किया जाए।

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