कपूरथला के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की कायराना हरकत का भारतीय सेना ने अभूतपूर्व जवाब दिया। यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भारतीय सेना की कार्रवाई ने विश्व को स्पष्ट संदेश दिया है। अगर किसी भारतीय नागरिक को आतंकवाद का निशाना बनाया जाएगा, तो भारत कठोर सैन्य कार्रवाई करेगा। नशे के खिलाफ सरकार का साथ दें नागरिक : कटारिया कटारिया ने पंजाब को महान गुरुओं और शहीदों की धरती बताया। कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पंजाब का आम नागरिक सेना के साथ खड़ा रहा। इससे सेना का मनोबल बढ़ा। उन्होंने कहा कि जहां जवान सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, वहीं नागरिकों का कर्तव्य है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में योगदान दें। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खात्मे के लिए सक्रियता से काम कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि यह लड़ाई सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं होनी चाहिए। समाज के हर वर्ग को इसे जनआंदोलन बनाना होगा। भविष्य की पीढ़ियों के लिए नशामुक्त समाज बनाने में सभी को योगदान देना होगा। नशे के आदी व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति के साथ व्यवहार करने पर जोर देते हुए श्री कटारिया ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान नशे के खिलाफ इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करके पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की सराहना की राज्यपाल ने इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की। इससे पहले, राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने यूनिवर्सिटी में पंजाब के राज्यपाल का गर्मजोशी से स्वागत किया और राज्यपाल द्वारा शिक्षा, सामाजिक सेवा और नशे के खिलाफ लड़ाई में निभाई जा रही भूमिका पर प्रकाश डालते हुए ‘ऑपरेशन सिंधूर विजय यात्रा’ के नेतृत्व के लिए उनका धन्यवाद किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद और विश्वविद्यालय के संस्थापक चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल भी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव-2 गवर्नर विवेक प्रताप सिंह, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के चेयरमैन डॉ. पंकज अरोड़ा, प्रो-चांसलर डॉ. रश्मि मित्तल, वाइस चांसलर एलपीयू प्रो. (डॉ.) जसपाल सिंह संधू, आईएएस अधिकारी ललित जैन के अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और स्टाफ मौजूद थे।


