छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध रूप से वनभूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। वन अमले ने ग्राम सेमरवा में 100 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले 8 लोगों के मकानों को तोड़कर जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया है। सेमरवा में ही वनभूमि पर अवैध रूप से काबिज 4 लोगों को बेदखली का नोटिस जारी किया गया है। बलरामपुर जिले में वर्षों से लोग वनभूमि पर अवैध कब्जा कर निवासरत हैं। ग्राम सेमवरवा में 8 लोगों ने वन भूमि पर अवैध कब्जा कर घरों का निर्माण किया था। वहां खेती भी की जा रही थी। वन विभाग ने कब्जाधारियों को बेदखली का नोटिस जारी किया था। सोमवार को अवैध रूप से बने मकानों में बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई। अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन वन विभाग ने वनभूमि पर काबिज सुधु, राजकुमार, गुठल, शनिचर, रामऔतार, नान्हु, बुधन और गुलाब चन्द के मकानों को तोड़ दिया है। यहां वनविभाग ने 100 एकड़ भूमि से कब्जा खाली करा दिया है। कब्जाधारियों को दोबारा वनभूमि पर कब्जा न करने की हिदायत दी गई है। DFO आलोक वाजपेयी ने बताया कि, सेमरवा के ही वनभूमि पर काबिज चार अन्य लोगों सुदामा, राजमोहन, ईश्वर और बलराम को वन अधिनियम 1972 की धारा 80(ए) के तहत बेदखली का नोटिस जारी किया गया है। उनके कब्जे को भी अंतिम नोटिस के बाद हटाया जाएगा। वनभूमि पर कब्जे का चिह्नांकन बलरामपुर जिले में वनभूमि पर अवैध कब्जे का सर्वे कराया जा रहा है। वन विभाग ने इससे पहले रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के चुमरा बीट में वन विभाग ने अवैध कब्जा कर बनाए गए 11 मकानों को तोड़कर 40 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराया था। इस कार्रवाई में ये रहे शामिल इस कार्रवाई में उप वनमंडलाधिकारी, प्रशिक्षु एसीएफ वन परिक्षेत्र धमनी, थाना प्रभारी सनावल, तहसीलदार रामचन्द्रपुर, वन और पुलिस विभाग के कर्मचारी सहित सरपंच उपस्थित रहे।


