भगवान जगन्नाथ का देवस्नान कल, नेत्रोत्सव 26 को

सिटी रिपोर्टर | रांची झारखंड के ऐतिहासिक धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर से 27 जून को रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा को लेकर जोर-शोर से तैयारी चल रही है। इससे पहले 11 जून को मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ का देवस्नान होगा। इसके बाद मंगल आरती होगी और भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और माता सुभद्रा 15 दिनों के लिए एकांतवास में चले जाएंगे। इसलिए भक्तों को 15 दिन तक उनके दर्शन नहीं हो पाएंगे। इस दौरान देवों का मंत्रोच्चारण के बीच जड़ी-बूटियां से उपचार किया जाएगा। रथयात्रा से एक दिन पहले 26 जून को धार्मिक अनुष्ठान नेत्रोत्सव होगा। इसी दिन तीनों विग्रहों को नए वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित किया जाएगा। मंदिर के पुजारी कौस्तुभ मिश्रा के अनुसार 27 जून को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी। इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण माना जाता है। रथयात्रा के दिन भव्य मेला लगता है। लाखों की संख्या में भक्त झारखंड के अलग-अलग इलाकों से यहां भगवान जगन्नाथ के रथ दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। रांची | साल में 12 पूर्णिमा में ज्येष्ठ मास में पड़ने वाला पूर्णिमा का अलग ही महत्व है। आचार्य प्रणव मिश्रा के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि 10 जून को सुबह 10.56 बजे से 11 जून को दोपहर 12.30 तक बजे रहेगी। यह माह भगवान विष्णु माता लक्ष्मी व भगवान शिव का भी प्रिय है। इस दिन किया गया व्रत, पूजन, दान का महत्व कई गुणा अधिक होता है। 10 जून मंगलवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा का उपवास रखा जाएगा एवं स्नानदान के लिए महाज्येष्ठी पूर्णिमा पर्व 11 जून को मनाया जाएगा। इस बार सिद्ध व साध्य योग के साथ रवियोग का संयोग रहेगा। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। पूर्णिमा तिथि पर उपवास रखकर विधिवत विष्णु जी का पूजन करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। यह तिथि मां लक्ष्मी को भी प्रिय होती है। इस दिन श्री हरि के साथ मां लक्ष्मी पूजन करने से दरिद्रता का नाश होता है।

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