जालंधर | मानसिक स्वास्थ्य और बाल मनोविज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नाटक कलियुग का मंचन किया। इस नाटक का लक्ष्य आज की तेजी से बदलती दुनिया में बच्चों के सामने आने वाली भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों को उजागर करना था। 300 से अधिक छात्रों की उपस्थिति में मंचित इस नाटक में गगन, सरब, परमजीत, शरनमीत कौर और हरदीप सिंह ने शानदार अभिनय किया। नाटक की गहन कथा और प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों पर स्थायी प्रभाव छोड़ा, इससे बच्चों के व्यवहार और माता-पिता की समझ पर विचार-विमर्श शुरू हुआ। डीन छात्र कल्याण डॉ. अर्जन सिंह ने इस महत्वपूर्ण विषय को उठाने के लिए टीम की सराहना की। वहीं निदेशक, डॉ मनबीर सिंह ने कलाकारों और टीम को सामाजिक रूप से प्रासंगिक कला में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया और कहा हम मानते हैं कि शिक्षा को शैक्षणिक और भावनात्मक विकास दोनों को संबोधित करना चाहिए। कलियुग का आयोजन सामाजिक रूप से जागरूक और भावनात्मक रूप से समझदार व्यक्तियों को तैयार करने की हमारी निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। कलियुग न केवल कलात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बना, बल्कि यह बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सहानुभूति बढ़ाने का एक प्रभावी उपकरण भी साबित हुआ, जिसने युवा दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। नाटक कलियुग का मंचन करते कलाकार।


