सतीश कपूर | अमृतसर केंद्र और पंजाब सरकार की तरफ से शहर के बिजली घरों को रिमोर्ट से बंद और चालू करने को 11 साल पहले सुपरवाइजर कंट्रोल एक्यूजेशन एंड डॉटा सिस्टम (स्कॉडा) को बनाया था। करीब 10 करोड़ की लागत से रिस्ट्रक्चर एक्सीलेटर पावर डिवेलपमेंट प्रोग्राम के तहत बने स्कॉड़ा सिस्टम में अभी भी कई खामियां हैं। जिसके कारण कई बिजली घरों के फीडर खुद ही बंद और चालू हो जाते हैं। इसी कड़ी के तहत करीब 16 दिन पहले यानि 24 मई को 132 केवी सकत्तरी बाग से चलने वाले 11 केवी फीडर लक्ष्मणसर बिना किसी को बताए बंद और चालू हो गया। वहीं इससे हादसा होने का खतरा पैदा होने से वहां के स्टाफ ने पीएसटीसीएल को पत्र लिखा है। ड्यूटी में मौजूद कर्मचारियों ने पत्र के मैमो नंबर 52 में लिखा है कि 24 मई शाम को 6.48 बजे 11 केवी फीडर श्री गुरु रामदास अस्पताल लक्ष्मणसर फीडर शाम अंधेरी के कारण बंद कर दिया गया था। जबकि उनकी तरफ से बंद फीडर को एक मिनट यानि 6:49 बजे बिना 132 केवी सकत्तरी बाग में तैनात ड्यूटी स्टाफ की मंजूरी लिए स्काड़ा सिस्टम से खुद चालू कर दिया या हो गया। पत्र में लिखा है कि इस गलती के कारण बड़ा हादसा हो सकता था जो असहनीय है। उन्होंने लिखा है कि भविष्य में ऐसा न हो इसकी जांच की जाए। वहीं अगर फिर से ऐसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी स्काड़ा सिस्टम के अधिकारियों की होगी। ^स्कॉड़ा सिस्टम बिल्कुल ठीक है। वहीं सकत्तरी बाग के फीडर खुद चलने के बारे मुझे न तो कोई पत्र मिला है और न मुझे पता है। अगर ऐसा हुई है तो इसका पता लगाया जाएगा। -इंजी. हरप्रीत सिंह एक्सईएन स्काड़ा


