भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर-भोगपुर हाईवे पर किशनगढ़ के पास ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे। सोमवार को डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल के साथ परिवहन विभाग के अफसरों की हुई बैठक मेंं इसे लेकर मंजूरी दे दी गई है। यह सिग्नल हादसों की संभावना वाली किशनगढ़ क्रॉसिंग पर लगेगा। हालांकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी अॉफ इंडिया की पॉलिसी है कि हर हाईवे को स्टॉपेज फ्री रखने के लिए ब्लिंकर्स तो लगाए जाते हैं, लेकिन लाल-संतरी-हरी बत्ती नहीं। क्रिटिकल जगहों पर यह बत्तियां लगाने के लिए जिला रोड सेफ्टी कमेटी आदेश दे सकती है। क्रिटिकल जगहों पर यह बत्तियां लगाने के लिए जिला रोड सेफ्टी कमेटी आदेश दे सकती है। किशनगढ़ से पहले रामामंडी से होशियारपुर हाईवे पर ढिलवां क्रॉसिंग पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। यह हाईवे सिर्फ चार लेन का है। लेकिन यहां पर एक तो हाईवे का ट्रैफिक चलता है, साथ ही जालंधर से भोगपुर तक लोकल ट्रैफिक भी दौड़ता है। इस हाईवे पर जगह-जगह पर लोकल ट्रैफिक के लिए सर्विस लेन उपलब्ध नहीं है। साल 2001 में जब इस हाईवे का प्रोजेक्ट मंजूर किया गया तो प्राइवेट जमीनों के अधिग्रहण से बचने के लिए कई जगहों पर सर्विस लेन नहीं बनाई गई। साथ ही हाईवे पर रोशनी के पुख्ता इंतजाम भी नहीं है। हाईवे वाहनों के प्रैशर के हिसाब से संकरा है। जालंधर सिटी में पठानकोट बायपास चौक से लेकर किशनगढ़ तक जगह-जगह क्रॉसिंग बनी हैं। इन्हें लोग अक्सर गलत तरीके से पार करने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि ट्रैफिक सिगनल की जरूरत महसूस की जा रही थी। वहीं दूसरी ओर बुलंदपुर अड्डा में भी ट्रैफिक सिग्नल लगाने या व्हीकल अंडरपास बनाए जाने की जरूरत है। अंडरपास की मंजूरी और निर्माण में न्यूनतम एक साल लगेगा। तब तक तुरंत ट्रैफिक सिग्नल की जरूरत है। वजह ये है कि जालंधर सिटी की तमाम कॉलोनियों के लोग इस अड्डा से गुजरते हैं। यहां से लोग नूरपुर धोगड़ी, बुलंदपुर गांव, रमणीक एवेन्यू की तरफ जाते हैं। यहां पर दो तरफ शॉपिंग मॉल भी हैं। इससे शनिवार-रविवार को भीड़ चरम पर होती है।


