झारखंड में 14 जून तक तेज हवा के साथ बारिश:40 डिग्री के नीचे रहेगा अधिकतम तापमान, मौसम विभाग का यलो अलर्ट

झारखंड में मंगलवार यानी 10 जून से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार, 10 से 14 जून के बीच राज्य के कई जिलों में तेज हवाएं चलने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। खासकर 12 से 14 जून के बीच झारखंड के लगभग सभी जिलों में बारिश और वज्रपात का पूर्वानुमान है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। तेज हवाओं के साथ गरज-चमक मौसम केंद्र के मुताबिक, 10 और 11 जून को राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन दो दिनों में लोहरदगा, रांची, रामगढ़, बोकारो, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। 12 से 14 जून तक पूरे प्रदेश में बारिश 12 से 14 जून के बीच झारखंड के लगभग सभी जिलों में व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले में रहने से बचें और सावधानी बरतें। तापमान में गिरावट की संभावना मौसम के बदलते रुख के कारण झारखंड के अधिकतर जिलों में तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है। बारिश और बादलों की वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट देखी जाएगी। केवल पलामू प्रमंडल में तापमान अभी भी 40 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है, जबकि अन्य जिलों में तापमान इससे नीचे रहने की संभावना है। जिलावार संभावित तापमान का अनुमान देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और पलामू में अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 24 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना है। रांची, खूंटी, गुमला, बोकारो, रामगढ़ और हजारीबाग में अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 27 डिग्री, जबकि पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला और सिमडेगा में अधिकतम 37 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हो सकता है। सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान खुले इलाकों में न जाएं। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे बारिश और आंधी को देखते हुए फसल संबंधी कामों की योजना सावधानी से बनाएं।

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