JSSC CGL परीक्षा की CID जांच शुरू:मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू में भी लीक हुए प्रश्न पत्र, बड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को पहुंचाना था लाभ

JSSC CGL परीक्षा की CID जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच का आधार रातू थाने में हजारीबाग निवासी राजेश प्रसाद की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी है। दर्ज प्राथमिकी में कई अहम जानकारियां दी गई हैं। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया है कि जेएसएससी कार्यालय के सामने 26 सितंबर को कुछ छात्रों के बीच चर्चा हो रही थी। जहां कहा जा रहा था कि परीक्षा तिथि से दो-तीन दिन पूर्व आसनसोल के किसी होटल और नियामतपुर के एक विवाह भवन में छात्रों को इकट्ठा कर प्रश्न और उनके उत्तर बता दिए गए हैं। इसी तरह मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू में भी प्रश्न पत्र लीक किए गए। आरोप है कि एक बड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र उपलब्ध करा कर तैयारी कराई गई। उन्हें ही लाभ पहुंचाना था। प्राथमिकी में तीन घटनाओं का जिक्र रातू में दर्ज प्राथमिकी में तीन घटनाओं का जिक्र किया गया है। इन तीनों घटनाओं की मोबाइल से तस्वीर व वीडियो बनाने वाले अभ्यर्थियों से अब सीआईडी की टीम पूछताछ करेगी, ताकि अनुसंधान आगे बढ़े। हजारीबाग निवासी वादी राजेश प्रसाद की ओर से दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि 21 व 22 सितंबर को राज्य के सभी जिलों में तीन पालियों में परीक्षा का आयोजन किया गया था। पहली पाली में सामान्य ज्ञान पेपर-3, दूसरी पाली में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा पेपर-2 और तृतीय पाली में भाषा ज्ञान पेपर-1 की परीक्षा आयोजित की गई। जानिए प्राथमिकी में जिक्र तीन घटनाओं के बारे पहली घटना
मखमंदरो सेंटर, रातू में भी पेपर लीक इसी पेपर लीक से संबंधित एक और घटना मखमंदरो सेंटर रातू से सामने आई। जहां एक अभ्यर्थी अपने मोबाइल से बात करते हुए एक कागज पर कुछ लिख रहा था। हजारीबाग निवासी आशीष कुमार ने भी छात्र के लिखे हुए प्रश्न का उत्तर अखबार पर लिख लिया। साथ ही उस अखबार को भी सुरक्षित रख लिया। यह घटना भी परीक्षा शुरू होने से पहले की है। दूसरी घटना
धनबाद के बीएड कॉलेज सेंटर की वीडियो क्लिप का भी जिक्र दर्ज प्राथमिकी में यह भी बताया गया है कि पेपर लीक से संबंधित एक और घटना सामने आई। जो धनबाद के कुमार बीएड कॉलेज सेंटर की है, जिसमें एक वीडियो क्लिप बनाई गई है। यह वीडियो गिरिडीह निवासी प्रेम लाल ठाकुर ने रिकॉर्ड किया है। जिसे देखने से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा से पहले एक व्यक्ति, जो संभवत: छात्र था, सड़क किनारे पैदल चलते हुए मोबाइल पर किसी से बात करते हुए कुछ लिख रहा था। जब उससे पूछा गया कि वह क्या लिख रहा है और दिखाने के लिए बोला गया तो वह भागने लगा। भागते-भागते उसने कागज को फाड़कर फेंक दिया। बाद में सारे टुकड़ों को जोड़ने से परीक्षा में आए प्रश्नों के उत्तर जाहिर हुए। तीसरी घटना
धनबाद के बलियापुर में भी पेपर लीक 22 सितंबर को गिरिडीह निवासी छात्र रामचंद्र मंडल ने उन्हें बताया कि सुबह अपने परीक्षा केंद्र (बलियापुर) पर वह पहुंचा। वहां देखा कि एक व्यक्ति अपने मोबाइल से बात कर रहा है। बात करते-करते वह कुछ शब्द कागज पर लिख रहा था। यह घटना परीक्षा शुरू होने से पहले की थी। छात्र रामचंद्र मंडल ने उस कागज का अपने मोबाइल में फोटो ले लिया, जो अब उसके मोबाइल में सुरक्षित है। इस तस्वीर से घटना के समय का पता भी लगाया जा सकता है, जो परीक्षा शुरू होने से पहले का था।
JSSC CGL पर लगे दो अहम आरोप प्राथमिकी में कह गया है कि कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के लिए काफी संख्या में प्रश्नों का चयन एसएससी- सीजीएल 2019 व 2022 के प्रश्न पत्रों से की गई थी। इन प्रश्नों को बड़े पैमाने पर लीक किया गया, ताकि अभ्यर्थी लाभान्वित हों। परीक्षा के बाद तुरंत आंसर की जारी की गई। जान बूझ कर कुछ प्रश्नों के उत्तर गलत दिखाए गए, ताकि आपत्ति दर्ज कराई जा सके। जेएसएससी तक न पहुंचे बात, इसलिए किया इंटरनेट बंद प्राथमिकी में यह भी आरोप है कि परीक्षा के दौरान इंटरनेट सेवाओं को बंद कराने का एक और संभावित कारण यह भी हो सकता है कि पूरी योजना फोन के माध्यम से पूर्ण हो और किसी भी अभ्यर्थी को पेपर लीक होने की जानकारी जेएसएससी को देने का मौका ना मिले। आरोप है कि सुनियोजित तरीके से इस षडयंत्र में जेएसएससी के अधिकारी, कर्मचारी, एजेंसियों और उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हैं, जो अपने मनचाहे लोगों को सरकारी पदों पर बैठाना चाहते हैं।

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