चिरमिरी के बड़ा बाजार में बंद:स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, जिला अस्पताल विस्तार के नाम पर दुकानों के तोड़फोड़ का विरोध

एमसीबी जिले के नगर पालिक निगम चिरमिरी के बड़ा बाजार में प्रशासन द्वारा अस्थायी जिला चिकित्सालय के आस-पास करीब पचास वर्षों से चल रही दुकानों और निवास स्थानों को नोटिस देकर तोड़े जाने के खिलाफ आज पूरा बड़ा बाजार बंद रहा। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध स्वरूप सांकेतिक बंद रखा। शाम को बस स्टैंड बड़ा बाजार के पास एक आम सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्थानीय निवासी प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिना उचित योजना के बिना कारण तोड़फोड़ कर वे लोगों को परेशान कर रहे हैं। इससे बड़ा बाजार के नागरिक गहरे आहत और आक्रोशित हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि प्रशासन बिना स्पष्ट योजना के विकास के नाम पर अस्थायी जिला अस्पताल के विस्तार के तहत आवासीय और व्यावसायिक स्थलों का नापजोख कर तोड़फोड़ कर रहा है और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई करने की धमकी दे रहा है। स्थानीय निवासी राजन कुमार सलूजा ने बताया कि बड़ा बाजार चिरमिरी शहर का दिल है और नगर पालिक निगम के सर्वेक्षण पंजी में यह आबादी क्षेत्र के रूप में दर्ज है। यहां के लोग 50 से 100 वर्षों से अपनी दुकानों और आवासों में रह रहे हैं और व्यापार सुचारू रूप से चला रहे हैं। नत्थू सिंह परमार ने कहा कि प्रशासन की अनावश्यक तोड़फोड़ से क्षेत्र के लोगों की शांति भंग हो रही है। इसी के विरोध में बड़ा बाजार के नागरिक जन चेतना समिति द्वारा सांकेतिक विरोध दर्ज कराया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन हमारी मांगों पर ध्यान नहीं देता और कार्रवाई बंद नहीं करता तो हम उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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