अब 21 साल से कम उम्र के लोगों को तंबाकू बेचना दंडनीय अपराध राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (झारखंड संशोधन) विधेयक 2021 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही झारखंड में तंबाकू के उपयोग और बिक्री पर सख्त नियम लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही इस विधेयक को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करेगा। नए नियमों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीने या तंबाकू उत्पादों का उपयोग करने पर 1000 रुपए का जुर्माना लगेगा, जो पहले 200 रुपए था। साथ ही, हुक्का बार के संचालन पर पूरी तरह पाबंदी होगी। 22 मार्च 2021 को झारखंड विधानसभा से यह संशोधन विधेयक पारित होकर राज्यपाल के पास गया था। केंद्रीय अधिनियम से जुड़े होने के कारण राज्यपाल ने इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा था। यह स्वीकृत विधेयक झारखंड राजभवन को प्राप्त हो गया है। इसमें झारखंड सरकार ने केंद्रीय सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओटीपीए), 2003 में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। जानिए… विधेयक का क्या होगा असर? सार्वजनिक स्थानों पर बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध। शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और कोर्ट के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू बिक्री पर रोक। 21 साल से कम उम्र के युवाओं को तंबाकू बेचने या उनके द्वारा उपयोग पर पाबंदी। हुक्का बार का संचालन दंडनीय अपराध, जुर्माना और जेल की सजा। यह संशोधन झारखंड के नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उद्देश्य… सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार झारखंड सरकार का कहना है कि तंबाकू के सेवन को नियंत्रित करके स्वास्थ्य में सुधार किया जाएगा। तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों और मौतों को कम करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। यह फैसला राज्य के नागरिकों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और युवाओं को तंबाकू की लत से दूर रखने में मदद करेगा। नए नियमों के तहत शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी कार्यालयों और न्यायालयों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। पहले यह दायरा 100 गज का था। इसके अलावा, तंबाकू सेवन के बाद सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर भी जुर्माना लगेगा। पहले 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को तंबाकू बेचना वैध था, लेकिन अब 21 साल से कम उम्र के लोगों को तंबाकू बेचना दंडनीय अपराध होगा। हुक्का बार पर सख्ती, जेल और जुर्माना राज्य में हुक्का बार के संचालन पर पूरी तरह रोक लगेगी। हुक्का बार चलाने वालों को 50,000 से 1,00,000 रुपए तक का जुर्माना और तीन साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा, सभी नए सरकारी कर्मचारियों को तंबाकू उत्पादों से परहेज करने का शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले सरकारी कर्मियों पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। क्या कहते हैं आंकड़े… झारखंड में 76 प्रतिशत लोग करते हैं तंबाकू का सेवन ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के मुताबिक, झारखंड में 59.7 फीसदी पुरुष और 17 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन करते हैं। किसी भवन में कार्य करने वाला हर चौथा व्यक्ति कार्यस्थल पर होने वाले धूम्रपान के संपर्क में आता है। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों के 100 मी. दायरे में बिक्री पर प्रतिबंध


