रायपुर के सिरेश्वर महादेव मंदिर की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने को लेकर स्थानीय लोगों ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के साथ मिलकर जल सत्याग्रह किया। शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने भू-माफिया के खिलाफ नारेबाजी कर रजिस्ट्री को अवैध बताते हुए निरस्त करने की मांग की है। दरअसल, कुशालपुर चौक के पास रिंग रोड से लगी हुई सिरेश्वर महादेव मंदिर की 4.40 एकड़ जमीन को पुजारी जयलाल पुरी ने भू-माफिया के साथ मिलकर बेच दी है। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। भू-माफिया से साठगांठ की गई। दान में दी गई जमीन को फर्जीवाड़ा करके बेचा जल सत्याग्रह कर रही महिलाओं ने बताया कि, मंदिर को दान में दी गई जमीन बेची गई है। जिसके विरोध में हम प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारी मांग है कि, फर्जी रजिस्ट्री को निरस्त किया जाए। हमारे पुरखों की जमीन जिसे दान किया गया है। उस जमीन का इस्तेमाल अस्पताल या कॉलेज बनाने के लिए किया जाए। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन से सुर्खियों में आया मामला यह डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड में कुशालपुर चौक से मात्र 100 मीटर की दूरी पर रिंग रोड के पास अभिनंदन पैलेस के बगल में स्थित है। इस बेशकीमती जमीन का मामला हाल में तब सुर्खियों में आया, जब 100 से ज्यादा गांव वालों ने कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया। इसकी शिकायत राजस्व और आपदा मंत्री टंकराम वर्मा से की गई। उन्होंने इस मामले में जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई के आदेश दिए है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जमीन खरीदने वाले अब प्री-कॉस्ट दीवार खड़ी कर मालिकाना हक का दावा कर रहे हैं। जमीन में हो रही प्लाटिंग प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि, वर्तमान में जमीन की कीमत 100 करोड़ रुपए से ज्यादा है। अब इसमें प्लॉटिंग की तैयारी चल रही है। प्री-कॉस्ट बाउंड्री बना ली गई है। जमीन में प्लिंथ बनाकर अलग-अलग टुकड़ों में उसकी मार्किंग भी हो गई है। गांव वाले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुई इस रजिस्ट्री को शून्य कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। अलग-अलग कोर्ट ने जमीन की रजिस्ट्री को अवैध बताया है। लेकिन इसके बावजूद खरीदी-बिक्री और रजिस्ट्री को शून्य नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि, रसूखदारों के दबाव में प्रशासन आदेश होने के बाद भी जमीन का सीमांकन नहीं कर रही है। आगे उग्र प्रदर्शन करेंगे छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना और प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि, हमने कलेक्टर से लेकर मंत्री और सीएम से इसकी शिकायत की है। हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तो आने वाले दिनों में हम उग्र प्रदर्शन करेंगे।


