छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण के खिलाफ शिक्षकों ने बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई है। अगले 3 महीने अलग-अलग तरीकों से प्रदेश भर के शिक्षक युक्तियुक्तकरण को रद्द करने की मांग करेगे। वही प्रदेश के टीचर्स के आंदोलन की शुरुआत आझ से हो गई है। सोमवार शाला प्रवेशोत्सव के दिन स्कूलों में शिक्षकों ने काली पट्टी लगाकर सांकेतिक सविरोध किया । शिक्षकों ने बताया कि काली पट्टी लगाकर 16 जून से 30 जून तक संकेतात्मक विरोध किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच के प्रदेश संचालक वीरेंद्र दुबे ने कहा कि प्रदेशभर के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं 16 जून से 20 जून तक पालकों से संपर्क कर, युक्तियुक्तकरण के विसंगतियों और सेटअप में शिक्षक के पदों में हुई कटौती की जानकारी पालकों को देकर उनका भी समर्थन मांगेगे। नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही वीरेंद्र दुबे ने कहा कि राज्य शासन द्वारा 2008 के सेटअप के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है , युक्तियुक्तकरण के नाम पर मनमानी तरीके से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। भ्रष्टाचार की शिकायत मिल रही है। वही युक्तियुक्तकरण के नाम पर भाई भतीजावाद किया जाता है। इन सभी विसंगतियों के उसकी में पूरे प्रदेश के शिक्षक आज काली पट्टी लगाकर जो है उसका विरोध कर रहा है। दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युक्तिकरण के नाम से शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है । पूरे प्रदेश के जितने भी प्रभावित शिक्षक हैं वे सभी 30 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे वही 5 सितंबर शिक्षक दिवस के दिन में छत्तीसगढ़ के शिक्षकों का जो अपमान किया गया और प्रताड़ित किया गया जा रहा है। इसके विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा अलग अलग चरणों में होगा आंदोलन


