भास्कर न्यूज | जालंधर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा इस वर्ष 27 जून को शाम 5 बजे कोट किशनचंद से शुरू होगी। सोसायटी के प्रधान केदार नाथ ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से इस रथयात्रा का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। इस बार 21वां आयोजन है। सभी संस्थाओं, मंदिर कमेटियों को आमंत्रित किया गया है। यात्रा में मधुर हरिनाम संकीर्तन, भावमय नृत्य, आकर्षक झांकियां और महाप्रसाद प्रमुख आकर्षण होंगे। जालंधर के हर साल होने वाले धार्मिक आयोजनों में भक्त इस रथ यात्रा का बेसब्री से इंतजार करते हैं। तमाम इलाकों के भक्त हिस्सा लेते हैं। भगवान का सुंदर रथ तैयार किया जाता है। लुधियाना से आए भैया मुकुल जी भगवान जगन्नाथ के गुणगान करेंगे। भक्त जन महिमा गायन की अमृतवर्षा को पाकर धन्य होते हैं। 26 जून को सुबह 10 बजे श्री रामायण पाठ शुरू होगा। स्नान की रस्म 27 जून को सुबह 8 बजे, नव वस्त्र धारण सुबह 9 बजे, रामायण पाठ का विश्राम दोपहर 12 बजे, महाप्रसाद दोपहर 2:30 बजे, सोने के झाड़ू की सेवा शाम 4:30 बजे, रथयात्रा की शुरुआत शाम 5 बजे होगी। रथयात्रा कोट किशनचंद से शुरू होकर अड्डा होशियारपुर, पंजपीर चौक, भगत सिंह चौक, फगवाड़ा गेट, लव कुश चौक, श्रीराम चौक, भगवान वाल्मीकि चौक, पटेल चौक, भगवान वाल्मीकि गेट, शीतला मंदिर, माई हीरां गेट होते हुए वापस कोट किशनचंद पर समाप्त होगी। भगवान जगन्नाथ वर्ष में एक बार अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए मंदिर से बाहर आते हैं। वैदिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त रथ के दर्शन करता है या उसे खींचता है, उसे विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है। इसी परंपरा को निभाते हुए यह रथयात्रा निकाली जाती है।


