समाहरणालय में सोमवार को डीसी मंजू नाथ भजंत्री ने जनता दरबार लगाया। इसमें राजस्व, पेंशन, प्रमाण-पत्र, स्थानांतरण, भूमि पर अवैध कब्जा एवं बिक्री आदि से संबंधित शिकायतों को सुना और कार्रवाई के लिए तत्काल संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिया। सबसे अधिक मामले जमीन से जुड़े आए। इस दौरान एक व्यक्ति भावुक हो गया। कहा, ‘थैंक यू डीसी सर, मेरी जमीन का म्यूटेशन हो गया, भू-माफियाओं द्वारा जमीन हड़पने का मंसूबा नाकाम हो गया… आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।’ ये शब्द रामेश्वर कुमार यादव के हैं, जिनकी समस्या का समाधान जनता दरबार के माध्यम से हुआ। रामेश्वर ने शहर अंचल के करमटोली में जमीन खरीदी है। साल 2020 से ही वो म्यूटेशन के लिए प्रयासरत थे, इस बीच भू-माफियाओं द्वारा फर्जी डीड बनाकर दूसरे व्यक्ति को जमीन बेचने का प्रयास किया जा रहा था। डीसी ने संबंधित अंचल अधिकारी को निर्देश दिया। डीसी के निर्देश के बाद आवेदक की समस्या का समाधान हुआ। वहीं, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से जुड़ी शिकायत भी पहुंची। एक व्यक्ति ने बेटी की शादी की बात कहते हुए मदद की गुहार लगाई। डीसी ने तत्काल जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को फोन पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इधर, सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में मुआवजा से संबंधित शिकायत मिलने पर डीसी ने डीटीओ को तलब किया। मृतक के परिजन को अविलंब मुआवजा भुगतान का निर्देश दिया। इस दौरान डीसी महिलाओं से मंईयां सम्मान योजना का भी फीडबैक लेते दिखे। लोगों से नशा पान न करने की अपील की। रंजीत मोहन ने 31 मार्च 2025 को म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया था, निर्धारित समय-सीमा बीतने के बाद भी दाखिल-खारिज हेतु अग्रेतर कार्रवाई नहीं होने पर वो जनता दरबार पहुंचे। डीसी को बताया कि कर्मचारी द्वारा फाइल आगे न बढ़ाकर टाल-मटोल का रवैया अपनाया जा रहा है। उपायुक्त द्वारा फौरन कर्मचारी को शो-कॉज करने और एक सप्ताह में म्यूटेशन हेतु अग्रेतर कार्रवाई नहीं करने पर प्रपत्र-क गठित करने का निर्देश दिया गया। जनता दरबार में एक बार फिर से कांके अंचल में मिलीभगत कर जमीन हड़पने के प्रयास का मामला सामने आया। डीसी ने मामले की जांच कर नियमसंगत कार्रवाई का आदेश दिया। आवेदक द्वारा अंचल के मौजा मदनपुर में मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज के आधार पर म्यूटेशन कर जमीन हड़पने का प्रयास, मानसिक प्रताड़ना और पूरे परिवार को भयभीत करने की शिकायत की थी। पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।


