एसीबी ने उत्पाद सचिव मनोज से पूछे कई सवाल झारखंड में शराब बिक्री से जुड़े बहुचर्चित घोटाले को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच तेज हो गई है। सोमवार को एसीबी ने उत्पाद विभाग के सचिव मनोज कुमार से कई अहम बिंदुओं पर लंबी पूछताछ की। पूछताछ में मुख्य रूप से प्लेसमेंट एजेंसियों पर करीब 50 करोड़ रुपए की बकाया राशि, एमआरपी से अधिक मूल्य पर शराब की बिक्री, अवैध वसूली और इसमें कथित रूप से संलिप्त उनके रिश्तेदार अंशु कुमार से जुड़े सवाल शामिल थे। सचिव मनोज कुमार ने अंशु से रिश्ते स्वीकार किए, लेकिन अवैध वसूली में उनकी भूमिका से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि एमआरपी से अधिक वसूली की शिकायतों पर विभाग ने कार्रवाई की है। -शेष पेज 9 पर जांच में खुलासा… चौबे की पत्नी को शिपिज की कंपनियों से हर माह मिलते थे लाखों रुपए एसीबी को जांच में पता चला है कि तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे की प|ी स्वप्ना संचिता को शिपिज त्रिवेदी की कंपनियों से हर माह लाखों रुपए मिलते थे। स्वप्ना, त्रिवेदी की ब्रह्मास्त्र एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य कंपनियों में अपने भाई के साथ निदेशक थीं। शिपिज त्रिवेदी, उनकी प|ी प्रियंका और स्वप्ना संचिता मिलकर कई कंपनियों के माध्यम से शिक्षा, रियल एस्टेट, कोचिंग, ट्रेनिंग व विज्ञापन जैसे व्यवसाय संचालित कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक त्रिवेदी के पास और भी कई कंपनियां हैं। इनका पता लगाया जा रहा है।


