करनाल की एक प्रेस्टीज इमिग्रेशन फर्म ने मोहाली की सफायर ग्रुप कंपनी और उसके प्रतिनिधियों पर कनाडा वर्क परमिट दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने समय पर वीजा उपलब्ध न करवाकर न केवल पैसे हड़प लिए, बल्कि जबरन धमकाने और गाली-गलौज की। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 330 फर्स्ट फ्लोर मुगल कैनाल करनाल स्थित प्रेस्टीज इमिग्रेशन के पार्टनर गुरजीत सिंह और राजीव बंसल ने थाना शहर करनाल में शिकायत दी कि उन्होंने अपनी फर्म 2 अप्रैल 2023 को शुरू की थी। इमिग्रेशन सेवाओं के तहत उन्होंने तीन लोगों करनाल के अक्षप्रीत सिंह, करनाल के इन्द्रजीत सिंह और सहारनपुर के उदय सिंह की कनाडा वर्क परमिट की फाइलें प्रोसेस की थीं। इन तीनों से कुल राशि 4 लाख 50 हजार रुपए थी। सारी रकम मोहाली की सफायर ग्रुप कंपनी को ट्रांसफर की गई शिकायतकर्ता गुरजीत सिंह और राजीव बंसल का कहना है कि उन्होंने पूरी रकम सफायर ग्रुप के कार्यालय मोहाली (पंजाब) में जमा करवा दी थी। सफायर ग्रुप में कार्यरत जैसमीन अरोड़ा ने पैसे लिए और सभी डील की जिम्मेदारी ली। उनके साथ नेहा नाम की एक अन्य महिला भी इस प्रक्रिया में शामिल थी। तीन महीने में वीजा देने का किया था वादा शिकायतकर्ताओं ने बताया कि सफायर कंपनी की ओर से तीन महीने के भीतर वीजा दिलाने का वादा किया गया था और वीजा लगने पर कमीशन देने की बात कही गई थी। लेकिन नौ महीने बीतने के बाद भी न तो कोई वीजा मिला और न ही कोई कमीशन। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। धमकियां देने लगे कंपनी के लोग, पैसे भी नहीं लौटाए गुरजीत और राजीव के अनुसार, जब उन्होंने कंपनी से पैसे वापस मांगे और जानकारी लेने के लिए कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद दो व्यक्ति – अक्षित और करन शर्मा ने उन्हें धमकाया और गाली-गलौज करते हुए वहां से भगा दिया। आरोप है कि इन लोगों ने गुंडागर्दी करते हुए कहा कि पैसे वापस नहीं मिलेंगे और जो करना है कर लो। पहले भी की थी शिकायत, पर कार्रवाई नहीं हुई पीड़ितों ने इस पूरे मामले की शिकायत पहले भी बीती 17 जनवरी को दी थी, लेकिन इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे हताश होकर उन्होंने फिर 20 मई को शिकायत एसपी करनाल को भेजा। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जिसके बाद सिटी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


