झारखंड में माओवादी संगठन को झटका:जेजेएमपी के सबजोनल कमांडर ने किया आत्मसमर्पण, 7 मामलों में था वांछित

झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का सकारात्मक प्रभाव दिखा है। झारखंड जन जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के सबजोनल कमांडर बैजनाथ सिंह ने बुधवार को लातेहार पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। सैलदाग, मनिका निवासी बैजनाथ के आत्मसमर्पण के दौरान उसकी पत्नियां और परिजन मौजूद थे। 2021 में जेजेएमपी के मनोहर गंझू के दस्ते में शामिल हुआ पलामू डीआईजी नौशाद आलम, एसपी कुमार गौरव और सीआरपीएफ की 11वीं बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर ने उसका स्वागत किया। एसपी कुमार गौरव ने बताया कि बैजनाथ का उग्रवादी संगठनों में सफर 2020 से शुरू हुआ। पहले वह भाकपा माओवादी में एक वर्ष रहे। 2021 में जेजेएमपी के मनोहर गंझू के दस्ते में शामिल हो गए। 2024 में मनोहर के सरेंडर के बाद वह अखिलेश यादव के साथ काम करने लगे। बैजनाथ पर बरवाडीह, हेरहंज, छिपादोहर, मनिका और लातेहार थाना क्षेत्र में कई उग्रवादी घटनाओं को अंजाम दिया है। बैजनाथ सिंह पर 17 सीएलए और आर्म्स एक्ट के तहत कुल सात मामले दर्ज सबजोनल कमांडर के रूप में वह एके-47 जैसे आधुनिक हथियार रखता था। बैजनाथ सिंह पर 17 सीएलए और आर्म्स एक्ट के तहत कुल सात मामले दर्ज हैं। डीआईजी नौशाद आलम ने कहा कि कई उग्रवादी मुख्यधारा से भटक कर गलत रास्ते पर चल पड़े हैं। सभी से अपील है कि वे समाज के साथ जीवन बिताएं। उन्होंने कहा सरकार के सरेंडर कर सरकार के योजना का लाभ उठाए।

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