भास्कर न्यूज| बालोद छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने बुधवार को शहर में रैली निकाली। इसके बाद जय स्तंभ चौक पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांग की कि पीएससी से चयनित 127 फर्जी दिव्यांगों का मेडिकल बोर्ड से भौतिक सत्यापन कराया जाए। इनमें एक डिप्टी कलेक्टर, तीन लेखा अधिकारी, तीन नायक तहसीलदार, दो सहकारिता निरीक्षक और तीन पशु चिकित्सक शामिल हैं। संघ ने कहा कि सत्यापन के बाद फर्जी दिव्यांगों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। संघ ने सभी विभागों में दिव्यांग कोटे के रिक्त पदों पर विशेष भर्ती अभियान चलाने की मांग की। बताया कि वित्त विभाग ने 13 मार्च 2025 तक भर्ती में छूट दी है, लेकिन अब तक किसी भी विभाग ने विज्ञापन जारी नहीं किया है। संघ ने दिव्यांग वय वंदन योजना शुरू कर दिव्यांगों को 5000 रुपए मासिक पेंशन देने की मांग की। बीपीएल की बाध्यता खत्म करने की बात कही। बताया कि अन्य राज्यों में पेंशन 3000 और 4500 रुपए तक दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में 5000 रुपए प्रति माह पेंशन दी जाए। संघ ने कहा कि राज्य में 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले लोगों की संख्या अधिक है। इनमें से करीब 25 हजार लोगों के पास फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र हैं। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश कुमार निषाद, कोषाध्यक्ष अर्जुन राम साहू, विद्याभूषण साहू, प्रदेश संयोजक दिलीप कुमार और प्रवक्ता हेमू दास ने कहा कि संघ छत्तीसगढ़ के असली दिव्यांगों के अधिकारों की रक्षा करता है। सूर्यप्रकाश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि पंचायत विभाग में कई लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी कर रहे हैं। संघ ने मांग की कि राज्य मेडिकल बोर्ड से उसका एक सप्ताह का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। कार्रवाई नहीं हुई तो आगे बड़ा कदम उठाया जाएगा। वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता प्रकाश नाहटा ने कहा कि जिल लोगों ने दिव्यांगों का हक छिना है, उन पर कार्रवाई की जाए और दिव्यांगों को नौकरी दी जाए।


