भास्कर न्यूज | बालोद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश चन्द्र सिन्हा ने बुधवार को जिला न्यायालय परिसर बालोद में डिजिटलाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उच्च न्यायालय की डिजिटलाइजेशन कमेटी के अध्यक्ष न्यायाधीश नरेन्द्र कुमार व्यास भी मौजूद रहे। मुख्य न्यायाधीश ने बालोद के साथ-साथ राजनांदगांव, कबीरधाम और मुंगेली जिलों के न्यायालय परिसरों में स्थापित डिजिटलाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्षों का एक साथ वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता है और इसके जरिए न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा दस्तावेजों की सुरक्षा और संग्रहण में सहूलियत होगी। इस पहल के लिए उन्होंने चारों जिलों के नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। बालोद न्यायालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्याम लाल नवरत्न, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश योगेश पारीक, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार जांगड़े, श्वेता उपाध्याय गौर, कृष्ण कुमार सूर्यवंशी (एफटीएससी – पॉक्सो), ताजुद्दीन आसिफ , मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार सोनी शामिल रहे। डिजिटलाइजेशन सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्याम लाल नवरत्न ने फीता काटकर कक्ष का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में डिजिटलाइजेशन सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। डिजिटल प्रक्रिया से न्यायिक कामकाज तेज होने के साथ-साथ पेपरलेस दस्तावेजों की वजह से भंडारण का बोझ भी कम होगा। इस अवसर पर डौंडीलोहारा की व्यवहार न्यायाधीश सतप्रीत कौर छाबड़ा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप, अपर कलेक्टर व एसडीएम नूतन कंवर, हीरा सिन्हा, सागर चंद्राकर, भूमिका ध्रुव, तहसीलदार आशुतोष शर्मा आदि मौजूद थे।


