मनेंद्रगढ़-कोरिया-सूरजपुर में यलो अलर्ट:रायपुर-बिलासपुर समेत 30 जिलों में बिजली गिरेगी, 18 जिलों के 70 जगहों पर बरसा पानी, सरगुजा में 4 लोग बहे

पूरे प्रदेश में अब मानसून का असर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को राज्य के 18 जिलों के 70 से अधिक जगहों पर बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश जशपुर जिले में हुई। जहां 11 जगहों पर औसतन लगभग 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। आज (शनिवार) को भी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया और सूरजपुर इन तीन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान की बात करें तो शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग का रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव और दुर्ग में रिकाॅर्ड किया गया। सरगुजा में चार लोग बहे, 1 का शव बरामद इस बीच शुक्रवार हुई तेज बारिश से सरगुजा के मैनी नदी में अचानक आई बाढ़ में मां-बेटे समेत चार लोग बह गए। इनमें एक महिला का शव मिल गया है। तीन की तलाश जारी है। बता दें कि गुरुवार शाम 5:30 से 06:00 के बीच चारों बाढ़ की चपेट में आ गए थे। सभी ढोड़ागांव के रहने वाले हैं। सभी पुटू (मशरूम) बीनने गए थे, तभी लौटते वक्त बाढ़ की चपेट में आ गए। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम तलाश में जुटी है। बता दें कि 19 जून को पूरे छत्तीसगढ़ को मानसून ने कवर कर लिया है। पिछले कुछ दिनों से सरगुजा संभाग में लगातार बारिश के बाद से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ में बहने वालों के नाम इस इमेज से समझिए मानसून की रफ्तार पिछले छह दिनों 22.69 मिमी औसत बारिश राज्य में पिछले छह दिनों में 22.69 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार को 25 दिनों से बस्तर में अटका मानसून रायपुर से होते हुए सरगुजा पहुंचा था। इसके बाद से ही प्रदेश के अलग-अलग स्थानों में बारिश का दौर जारी है। बारिश की तस्वीरें देखिए 16 दिन पहले आ गया था मानसून इससे पहले छत्तीसगढ़ में नौतपे के बीच मानसून की एंट्री हो गई थी। प्रदेश में मानसून के पहुंचने की नॉर्मल डेट 13 जून है। लेकिन इस बार 16 दिन पहले ही मानसून ने दस्तक दे दी थी। वहीं 64 साल के इतिहास में ये पहली बार है, जब मानसून मई माह में छत्तीसगढ़ पहुंचा था। इससे पहले साल 1971 में 1 जून को मानसून पहुंचा था जून में अब तक सामान्य से कम बारिश ओवर ऑल जून महीने की बात करें तो प्रदेश में अब तक कुल 41.0 मिमी औसत वर्षा हुई है, जबकि सामान्य औसत 81.0 मिमी होती है। यानी लगभग आधी बारिश ही अब तक हुई है। बलरामपुर इकलौता जिला है जहां नॉर्मल से बहुत अधिक बारिश हुई है। वहीं दंतेवाड़ा ऐसा जिला है जहां सामान्य बारिश हुई है। 26 जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही है। इनमें से 17 जिलों में कम और 9 जिलों में कम बारिश दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग की माने तो जून का ट्रेंड यही रहा है। शुरुआती 10 से 12 दिन गर्मी बढ़ती है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में बनने वाले लो प्रेशर एरिया या चक्रवातों के चलते मानसून सक्रिय हो जाता है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। मई में 374 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी पिछले माह लगातार बने सिस्टम और करीब 14 दिन पहले आए मानसून ने पूरे छत्तीसगढ़ में मई महीने में जमकर बारिश कराई। इस दौरान औसत से 373 फीसदी ज्यादा पानी गिर गया। इसके बाद से मानसून पिछले करीब 12 दिनों से ठहरा है। यह आगे ही नहीं बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में 22 मई से 28 मई के बीच 53.51 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है। प्रदेश में मानसून में औसतन 1200 मिलीमीटर पानी बरसता है। पिछले साल 1276.3 MM पानी गिरा था। पिछले साल के मुकाबले तापमान कम हालांकि इस बार की स्थित पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। साल 2024 में जून का अधिकतम तापमान 45.7°C था, जो 1 जून को दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अधिकतम तापमान अब तक 42 से 43°C के आस-पास ही रहा है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.5°C 19 जून को रिकॉर्ड किया गया था। पिछले साल जून में पूरे महीने के औसत तापमान की बात करें तो 38.6°C रहा था। वहीं न्यूनतम औसतन तापमान 27.7°C दर्ज किया गया था। प्रदेश के बदलते तापमान को दो इंफोग्राफिक से समझिए गरज-चमक, बिजली और ओले गिरने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान लंबा रह सकता है मानसून मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियम समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *