धनबाद, रविवार, 22 जून, 2025 | 7 दैनिक भास्कर भास्कर न्यूज | चंद्रपुरा चंद्रपुरा प्रखंड कृषक उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड का वार्षिक आम सभा चंद्रपुरा विकास सिनेमा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन बोकारो डीसीओ श्वेता गुड़िया, चंद्रपुरा बीडीओ ईश्वर दयाल महतो, सीओ नरेश कुमार वर्मा, प्रधान वैज्ञानिक डॉ.अनिल कुमार सिंह, नाबार्ड डीडीएम पी बिलिंग्स व एफपीओ के कार्यपालक अधिकारी अनिल कुमार ने संयुक्त रूप से किया। डीसीओ ने कहा कि सफलता की कहानी चंद्रपुरा से शुरू होगी। सहकारिता के क्षेत्र में संस्था और सदस्यों के विकास की असीम संभावनाएं है। सहकारी समिति से देश बड़े बड़े अस्पताल, औद्योगिक प्रतिष्ठान व कृषि आधारित उद्योग संचालित किए जा रहे है। डीसीओ ने चंद्रपुरा एफपीओ के कार्यों को सराहना करते हुए कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा चंद्रपुरा में राइस मिल लगाने की योजना है। वहीं बीडीओ ईश्वर दयाल महतो व सीओ नरेश कुमार वर्मा ने कहा कि किसानों की समाज में भूमिका महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक तरीके से खेती करें और अधिक आय कमाएं। वहीं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने लेमन ग्रास, नेपियर ग्रास की खेती बंजर भूमि पर करने की सलाह दी और कहा कि इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। उससे पहले चंद्रपुरा एफपीओ के कार्यपालक अधिकारी अनिल कुमार महतो व बिनोद पी. सिन्हा ने एफपीओ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संचालन उप निदेशक (आत्मा) बबलू सिंह ने किया। मौके पर सहायक रजिस्ट्रार उपेंद्र यादव, वरीय अंकेक्षक रंजीत दास, राजू प्रसाद, मेनका श्रीवास्तव, अमित कुमार, संजय वर्णवाल, प्रवीण कुमार वर्मा, ओमप्रकाश महतो, रोहित महतो, प्रमोद सिन्हा, गुलाब पांडेय आदि उपस्थित थे। बोकारो | जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी के निर्देशन में शनिवार को फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड के ऑफिस में विभागीय कर्मचारियों, ठेका कर्मियों की आगामी हड़ताल को लेकर बैठक हुई। अध्यक्षता विभागीय शाखा अध्यक्ष सुरेश प्रसाद ने की। बैठक में मजदूरों ने भाग लेते हुए 27-28 जून को दो दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया। संयुक्त महामंत्री एनके सिंह ने कहा कि इस बार पूर्ण चक्का जाम हड़ताल निर्णायक होने वाला है, क्योंकि 2018 में होने वाले हड़ताल के बीच सहायक श्रमायुक्त केन्द्रीय धनबाद के त्रिपक्षीय वार्ता में हुए लिखित समझौता का उल्लंघन किया गया। जिसमें युनिटों मे यूनियन का गुप्त मतदान के द्वारा जल्द चुनाव करवाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आज 6 साल बीतने को है, लेकिन आज भी यूनियन चुनाव व अन्य मांगों पर टाल-मटोल जारी है।


