राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का हवाला देकर राज्य के डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद कर दी है। प्लस टू हाई स्कूलों की इंटरमीडिएट की पढ़ाई को लेकर मजबूत नहीं किया गया है। राज्य में प्लस टू हाईस्कूलों की संख्या 510 है। लेकिन सभी स्कूलों में इंटर के सभी विषयों की पढ़ाई नहीं होती है। वहीं 125 प्लस टू हाईस्कूलों में एक भी टीचर नहीं है। इसलिए डिग्री कॉलेजों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद करने के सरकार के फैसले का झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने विरोध किया है। कहा कि इस फैसले से हजारों छात्र प्रभावित होंगे, खासकर छात्राएं, क्योंकि राज्य में महिला प्लस टू स्कूलों की संख्या बहुत कम है। वे शनिवार को छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह में बोल रहे थे। मौके पर सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष मो. हाशिम ने आर्थिक रुप से कमजोर छात्रों के नामांकन में सहयोग करने की घोषणा की। इस अवसर पर बीडीओ नईमुद्दीन अंसारी, सीओ औसाफ अहमद खान, शारिब अहमद, मो. अजमतुउल्लाह, उप प्रमुख अफसाना प्रवीन, आरिफ रजा समेत अन्य थे।


