भास्कर न्यूज | बालोद डायरिया प्रभावित ग्राम तरौद में स्वास्थ्य विभाग ने अस्थाई शिविर लगाया है। जहां विवाद व हंगामे की स्थिति बन गई। दरअसल ग्रामीणों का आरोप है कि मृतक मोहित निषाद के चाचा बिट्ठल निषाद जब उल्टी दस्त होने के बाद स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे तो सीएमएचओ डॉ. एमके सूर्यवंशी ने उन्हें ओआरएस का पैकेट देते हुए कहा कि इसको शराब के साथ घोल बनाकर न पीएं। इस टिप्पणी के बाद शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। चम्मन साहू ने कहा कि गांव में 30 से अधिक लोग डायरिया से पीड़ित हैं। एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। गांव मंे मातम है। ऐसे संवेदनशील समय में अफसर कुछ भी बोल रहे हैं। सरपंच धर्मेन्द्र रामटेके ने बताया कि रावण भाठा वार्ड में करीब 20 साल पुरानी पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई होती है। इसी पाइपलाइन में लीकेज की आशंका है। लोगों ने इसे गलत अर्थ में ले लिया सीएमएचओ ने कहा कि शुक्रवार रात को गांव में काफी हंगामा हुआ। ग्रामीण खराब पानी के लिए स्वास्थ्य विभाग को ही जिम्मेदार ठहरा रहे थे। शिविर में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग को मैंने सिर्फ इतना कहा कि शराब पीते समय ओआरएस नहीं लेना चाहिए। इससे उल्टी बढ़ सकती है। यह सामान्य सलाह थी लेकिन लोगों ने इसे गलत अर्थ में ले लिया।


