भास्कर न्यूज | जांजगीर तहसील और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के न्यायालय से जारी स्थगन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। इन आदेशों की अवहेलना से न्यायालय की साख पर सवाल उठ रहे हैं। सरकारी और विवादित जमीनों पर अतिक्रमण के मामलों में स्थगन आदेश जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहता है। शिकायतों के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत कामता का है, जहां गांव के खेल मैदान पर असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया है। सरपंच और पंचों ने इस संबंध में शिवरीनारायण तहसील में शिकायत की थी। शिकायत पर तहसीलदार ने स्थगन आदेश जारी किया, लेकिन निर्माण कार्य नहीं रुका। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी, फिर भी अतिक्रमण जारी रहा। इससे पहले 2023 में भी तहसीलदार ने एक सप्ताह में कब्जा हटाने का आदेश दिया था, लेकिन आज तक कब्जा नहीं हटाया गया। उल्टा अतिक्रमण और बढ़ गया है। ग्राम कामता के युवा हर साल देश सेवा की तैयारी करते हैं और कई युवा मेहनत से देश और अन्य विभागों में सेवा दे रहे हैं। खेल मैदान से कब्जा हटाने के लिए सरपंच, पंच और युवा कई बार तहसीलदार से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


