भास्कर न्यूज | कवर्धा खाद की कालाबाजारी और उचित मूल्य पर खाद न मिलने से आक्रोशित किसानों ने शनिवार दोपहर ढाई बजे पंडरिया में चक्काजाम कर दिया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में निजी खाद दुकान के सामने धरने पर बैठ गए। पंडरिया-कवर्धा मुख्य मार्ग करीब 3 घंटे तक जाम रहा। शाम सवा 6 बजे चक्काजाम खत्म हुआ। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बताया कि पंडरिया एसडीएम ने आदेश दिया था कि 21 जून को किसानों को उचित मूल्य पर खाद दी जाएगी। इसके बावजूद दुकानदार ने आदेश की अनदेखी की और किसानों को खाद देने से मना कर दिया। 20 जून को शाम 6 बजे तक दुकान में 750 बोरी यूरिया और 500 बोरी डीएपी मौजूद थी। 21 जून को सुबह 11 बजे जब किसान दुकान पहुंचे तो व्यापारी दुकान बंद कर भाग गया। इससे किसान आक्रोशित हो उठे और कवर्धा-पंडरिया मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। अव्यवस्था पर किसान भड़के। जरूरत अधिक की, रिटेलर बोला- 2-2 बोरी देंगे: प्रदर्शन के पूर्व किसान संघ के प्रतिनिधि एसडीएम के पास पहुंचे। अधिकारी ने खुद साथ जाकर खाद दिलाने की कोशिश की। दुकानदार ने कहा कि वह सिर्फ 2-2 बोरी खाद देगा। किसानों ने कहा कि वे अपनी जरूरत के अनुसार खाद लेंगे। दुकानदार ने स्टॉक सिर्फ 90 बोरी बताया, जबकि एक दिन पहले ही सैकड़ों बोरियों का स्टॉक था। इस पर लोग भड़के। प्रदर्शन को देखते हुए कृषि विभाग के अधिकारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। समझाइश के बाद शाम सवा 6 बजे किसानों ने चक्काजाम खत्म किया। अफसरों ने आश्वासन दिया कि सभी निजी दुकानों की स्टॉक जांच की जाएगी। गंभीर बात ये है कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी रोकने मार्च में कृषि उपसंचालक ने टीम गठित की थी। लेकिन अब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।


