भाजपा जैसे राजनैतिक संगठन की नींव रखने वालों में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद किया जाता है। 23 जून को देश में उनकी पुण्यतिथी मनाई जा रही है। वो कश्मीर में लागू 370 धारा के खिलाफ लड़ते रहे, इसी से जुड़े आंदाेलन के दौरान अजीब से हालातों में उनकी माैत हुई। उनकी मृत्यु देश की राजनीतिक हस्तियों की मौत में एक रहस्यमयी केस आज भी है। सोमवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने बंगले में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजली दी। उन्होंने कहा- भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, महान शिक्षाविद्, और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अतुलनीय योगदान को हम स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समर्पित किया। वे न केवल कुशल संगठक थे, बल्कि दूरदर्शी राष्ट्रनायक भी थे, जिन्होंने भारतीय राजनीति को राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक अस्मिता के सुदृढ़ सूत्र में पिरोया। डॉ. मुखर्जी ने एक ऐसी विचारधारा को जन्म दिया, जिसने देश को राष्ट्रीय हित में सोचने और कार्य करने की नई दृष्टि प्रदान की। उनके विचार आज भी हमारी लोकतांत्रिक चेतना को दिशा देते हैं। भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को पूरे प्रदेश में भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान जिवस (23 जून) पर कई कार्यक्रम किए। प्रदेश कार्यालय में डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि पर कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित स्मृति मंदिर में उनकी प्रतिमा पर क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना, शंभू गुप्ता, किरण बघेल सहित पदाधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में भाजपा केंद्र सहित अनेक राज्यों में सत्तासीन है जो हमारे महापुरुषों की तपस्या व बलिदान के कारण ही संभव हो पाया है। जिस प्रकार लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने खंड-खंड हो रहे देश को अखंड बनाया, उसी प्रकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अखंड भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए अपना पूरा जीवन अर्पित कर दिया। अब जानिए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में
किन हालातों में हुई डॉ मुखर्जी की मौत


