राजापारा की 54 वर्षीय मीरा साहू के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। महिला ने टीवी चैनल पर एक विज्ञापन देखा। इसमें जय मां कामाख्या संस्थान के नाम से राघवेन्द्र आचार्य और धीरज रावत ने पारिवारिक समस्याओं का समाधान करने का दावा किया था। मीरा ने नवंबर 2024 में अपनी पारिवारिक समस्या के समाधान के लिए उनसे संपर्क किया। आरोपियों ने परिजनों की मौत का डर दिखाकर अलग-अलग समय पर कुल 28.52 लाख रुपए की रकम मांगी। पीड़िता ने यह राशि आईसीआईसी बैंक दिल्ली में धीरज रावत (रावत क्रियेशन) के खाते में चेक के माध्यम से भेजी। आरोपी लगातार फोन कर पीड़िता को धमकाते रहे। वे कहते थे कि अगर और पैसे नहीं भेजे तो परिवार के सदस्यों की मृत्यु हो जाएगी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने धारा-308(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान 23 जून 2025 को पुलिस ने आरोपी धीरज रावत को दिल्ली के विजय विहार रोहिणी सेक्टर-4 से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


