भास्कर न्यूज | बालोद अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बालोद स्थित ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में भी विशेष कार्यक्रम हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने भाग लिया और योगाभ्यास किया। इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी संस्था की वरिष्ठ बहन गीता ने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ है जुड़ना। जब आत्मा परमात्मा से जुड़ती है, तब वह सच्चे अर्थों में योग कहलाता है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन से समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ी है, परंतु जरूरी है कि इसे केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित न रखकर जीवन की संपूर्ण दिशा से जोड़ा जाए। बहन गीता ने कहा कि योग का उद्देश्य आत्मा की शक्ति को बढ़ाना है, जो नकारात्मक विचारों और विकारों से मुक्त होकर मानसिक स्थिरता प्राप्त करता है। प्राचीन काल से ही योग भारतीय संस्कृति और दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा रहा है, लेकिन भौतिकवादी विकास के साथ यह दृष्टिकोण बदलता गया है।


