नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में देशभर के आदिवासी नेताओं, विधायकों और लोकसभा प्रत्याशियों की बैठक लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई। इस बैठक का उद्देश्य आदिवासी समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना, नेतृत्व विकास को दिशा देना और संगठन में उनकी भूमिका को मजबूती देना था। बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी समाज को अब संगठित होना होगा। एकजुटता के बिना ना संगठन मजबूत होगा, ना ही समाज की आवाज निर्णायक मंचों तक पहुंचेगी। हमें आदिवासी समाज के भीतर से ऐसा नेतृत्व खड़ा करना है, जो खुद बोले, समाज की भाषा बोले और देश के सामने सच्चाई रखे। कांग्रेस पार्टी इस नेतृत्व को निखारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तैयार है। अध्यक्षता ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस (एआईएसी) के चेयरमैन डॉ. विक्रांत भूरिया ने की। उन्होंने हाल ही में विभिन्न राज्यों का दौरा कर उभरते हुए नेताओं को इस बैठक के लिए चिन्हित किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि कांग्रेस अब आदिवासी समाज को केवल मंच नहीं, बल्कि नेतृत्व देने के लिए तैयार है।


