कोंडागांव में जंगल बचाने के लिए ग्रामीणों की पहल:नई वन समिति बीट की मांग; जिले को टीबी मुक्त बनाने दे रहे जानकारी

कोंडागांव के विकासखंड माकड़ी के ग्राम गुमड़ी के ग्रामीणों ने वन भूमि की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने जिला कलेक्टर को नई वन समिति बीट के गठन के लिए आवेदन सौंपा है। ग्राम सभा ने 10 मई 2023 को इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया। वर्तमान में वन बीट ग्राम सीमा से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है। इस दूरी के कारण जंगलों की निगरानी में कठिनाई हो रही है। वहीं, जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण समाज में विश्वसनीय सिरहा-गुनिया को इस अभियान से जोड़ा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर सिरहा-गुनिया को टीबी के लक्षणों की जानकारी दे रही हैं। टीबी के प्रमुख लक्षणों में 15 दिन से अधिक खांसी, बलगम में खून, वजन में कमी, कमजोरी, थकावट और भूख न लगना शामिल हैं। सिरहा-गुनिया से अनुरोध किया गया है कि इन लक्षणों वाले मरीजों को मितानिन या स्वास्थ्य कर्मियों के पास भेजें। जिले को टीबी मुक्त बनाने की पहल जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आर के सिंह के मार्गदर्शन और जिला कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ हरेंद्र बघेल की निगरानी में यह विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर सिरहा-गुनिया को टीबी के लक्षणों की जानकारी दे रही हैं। वही, सरकार की ओर से टीबी मरीजों को इलाज के दौरान 1000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि उनके पोषण आहार और दैनिक जरूरतों के लिए है। मितानिन और स्वास्थ्य कार्यकर्ता नियमित रूप से गांवों का भ्रमण कर मरीजों का फॉलोअप कर रहे हैं। वन भूमि की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम ग्रामीणों ने बताया कि वन क्षेत्र में कई समस्याएं हैं। इनमें अवैध कटाई, आगजनी और जलस्तर में गिरावट शामिल हैं। साथ ही वन्यप्राणियों का उत्पात, तेंदूपत्ता संग्रहण में परेशानी और वन औषधियों की कमी भी है। साल बीज के संग्रहण में भी दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने आरएफ 627, 626, 632, 633 और आरएफ 447 कम्पार्टमेंट को मिलाकर नई बीट बनाने का प्रस्ताव दिया है। वन अधिकार समिति के अध्यक्ष सीबो कश्यप के नेतृत्व में बुधराम सोमरू, जयमती, धनेश्वर कश्यप, सुखराम केशव, सोमनाथ कुजूर, सुबास कश्यप और जुलाना झारिया सहित कई ग्रामीण इस पहल में शामिल हैं। जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर से आए ग्रामीणों में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थे। उन्होंने कहा कि वे वन विभाग के साथ मिलकर जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करेंगे। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए शिविर कोंडागांव जिले में नागरिकों की सुविधा के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की बुकिंग का एक दिवसीय शिविर 26 जून 2025 को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित किया जाएगा। शिविर में जिले के पंजीकृत वाहनों के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध होगी। आवेदन के लिए वाहन का आरसी कार्ड और आधार कार्ड आवश्यक है। निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करने के बाद नंबर प्लेट के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होगी। आवेदन के बाद कंपनी के फिटमेंट सेंटर में जाकर वाहन में नंबर प्लेट लगवाई जा सकती है। नागरिक घर बैठे भी सरकारी पोर्टल https://cgtransport.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर वाहन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, पता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भरनी होगी। ओटीपी वेरिफिकेशन और शुल्क भुगतान के बाद रसीद मिलेगी। नंबर प्लेट तैयार होने पर मोबाइल पर सूचना आएगी। सरकार के निर्धारित शुल्क इस प्रकार है:- दोपहिया वाहन: 365.80 रुपए- तिपहिया वाहन: 427.16 रुपए- हल्के मोटर वाहन: 656.08 रुपए- भारी वाणिज्यिक वाहन: 705.64 रुपए महत्वपूर्ण है कि 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य है। जिन वाहनों में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, वे जिला परिवहन कार्यालय कोंडागांव में यह कार्य करवा सकते हैं।

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