भास्कर न्यूज|लुधियाना लुधियाना में क्रिसमस-डे को धूमधाम से मनाया गया। शहर भर में विभिन्न चर्चों और संस्थाओं ने खास कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसमें बच्चों ने सांता की ड्रेस पहनकर गिफ्ट्स बांटे और सबको खुशियों का संदेश दिया। इस दिन चर्चों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया, जो आकर्षण का केंद्र बने रहे। बाइबिल पाठ के साथ-साथ विश्व में शांति और अमन की प्रार्थना की गई। शहर के प्रमुख चर्चों जैसे सराभा नगर चर्च, सीएनआई चर्च, हॉली क्रास चर्च, शलोम फैलोशिप चर्च और ईसानगरी समेत अन्य स्थानों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बच्चों ने नृत्य, गीत गायन और सांता बॉल मेकिंग जैसी गतिविधियों में भाग लिया, जिससे सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने सांता क्लॉज की रंग-बिरंगी पोशाकें पहनकर अपने अभिनय और प्रस्तुतियों से माहौल को और भी खास बना दिया। इस अवसर पर सांता के रूप में बच्चों ने न केवल सांता के लाल कपड़ों का महत्व बताया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि सांता के माध्यम से हम एक-दूसरे को खुशियां दे सकते हैं। बच्चों ने इस दिन को विशेष बनाने के लिए क्रिसमस ट्री सजाने, टॉफी और अन्य उपहारों का वितरण किया। सांता द्वारा बच्चों को बांटे गए उपहारों को पाकर उनके चेहरों पर खुशी की झलक साफ देखी जा सकती थी। क्रिसमस का असली संदेश प्रभु यीशु के प्रेम, उदारता और करुणा के रूप में सामने आया। इस दिन को मनुष्य के प्रति ईश्वर के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। बच्चों ने सांता के रूप में यह संदेश फैलाया कि ईश्वर का प्रेम सभी के दिलों में होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान मोमबत्तियां जलाकर एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी गई और केक काटकर इस दिन को मनाया गया। शहरभर में इस दिन का आयोजन न केवल बच्चों के लिए खुशी का अवसर बना, बल्कि सभी के दिलों में प्रेम और भाईचारे का संदेश भी फैलाया गया। इस तरह से क्रिसमस-डे पर शहर भर में प्रेम, खुशी और उदारता का माहौल था, जो ईश्वर के प्रेम का प्रतीक बनकर सामने आया। क्रिसमस-डे के अवसर पर ईसाई समाज के लोगों ने घरों को सजाया था। इस दौरान लोगों द्वारा खुशियां मनाओ खुशियां मनाओ…चिंता छोड़ो स्तुति करो, राजा यीशू आएं निर्बल को बल देगा, रोगी को वो छू लेगी…तू आंख ऐ मेरी जान मुबारक खुदा है, ते ओसे दा ही नाम पवित्र सदा है…आदि कैरोल गाए गए। इस दौरान प्रार्थना की गई।


