धमतरी के जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा के दौरान एक अनूठी परंपरा निभाई जा रही है। मंदिर में प्रतिदिन 600 लीटर काढ़े का वितरण किया जा रहा है। यह काढ़ा 13 प्रकार की जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाता है। 19 जून को भगवान जगन्नाथ का स्नान कराया गया। मान्यता के अनुसार स्नान के बाद प्रभु अस्वस्थ हो जाते हैं। उनके स्वस्थ होने तक मंदिर में काढ़े का भोग लगाया जाता है। इसे प्रसादी के रूप में भक्तों में बांटा जाता है। काढ़ा लेने के लिए सुबह 6 बजे से ही भक्तों की कतार लग जाती है। मंदिर के बाहर लंबी लाइन में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक खड़े रहते हैं। धमतरी के आसपास के क्षेत्रों से भी लोग काढ़ा लेने आते हैं। भक्त इस काढ़े को अपने परिवार के सदस्यों को भी पिलाते हैं। जय जगन्नाथ के जयकारों के बीच भक्त प्रसादी लेकर मंदिर से बाहर निकलते हैं।


