पेशरार के ऊपर तुरियाडीह नदी उफान पर… जान जोखिम में डाल नदी पार करते हैं कई गांव के लोग

लोहरदगा| जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय नदिया हिंदू में 11वीं कक्षा में नामांकित साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स के छात्रों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। जेईई मेन में सफल छात्र शिशुपाल उरांव को भी सम्मान मिला। मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार, एडीपीओ विनय कच्छप और फील्ड मैनेजर आकाश कुमार ने छात्रों को प्रमाण पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। डीईओ अभिजीत कुमार ने कहा कि बच्चे उम्मीद के साथ स्कूल आएं। शिक्षक पूरी मेहनत करें। छात्र भी परिश्रम करें। तभी विद्यालय उत्कृष्ट बन सकेगा। समारोह में डीईओ, एडीपीओ और फील्ड मैनेजर का स्वागत एनसीसी के नेवल विंग के कैडेट सचिन लोहरा के नेतृत्व में नेवल और एयर विंग के कैडेट्स ने किया। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक सतीश कुमार सिंह, प्राचार्य निश्चल मिंज, पूर्व प्राचार्य अनीता कुमारी, सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे। शुभांगी सिंह और 12वीं आर्ट्स की छात्रा ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। 12वीं विज्ञान की छात्रा चांदनी कुमारी और उसके ग्रुप ने स्वागत गीत गाया। मंच संचालन 12वीं आर्ट्स की छात्रा दिशा भट्ट ने किया। भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा में पिछले कई घंटों से हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोयल और शंख नदियों में जलस्तर बढ़ा तो है ही, वहीं सुदूरवर्ती क्षेत्र पेशरार प्रखंड अंतर्गत तुरियाडीह गांव स्थित नदी में पानी भर गया है। नदी के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आसपास के लोगों को काफी खतरा है। इस रास्ते से लोग नदी पार होकर रानीगंज बाजार सहित जिला समाहरणालय पहुंचते हैं। जिसमें ऊपर तुरियाडीह के अलावा पेशरार प्रखंड के जवाल, चुरूवे, बालाडीह, केनार, मुंगो, दुंदरू, हेसाग, चपाल, सनई, जुड़नी, आम तोतरो, बीड़नी, गम्हरिया, बतरू, इस्कीम डांड़ू सहित अन्य गांव के लोगों का जुड़ाव है। नदी में तेज बहाव का पानी होने के कारण इन सभी गांव से आवागमन का संपर्क भी टूट जाता है जब तक पानी कम नहीं होता है तब तक लोग पानी कम होने का इंतजार करते रहते हैं। कभी-कभी आपातकालीन के दौरान जान जोखिम में डालकर पगडंडी एवं बड़े बांस या डंडा के सहारे अनुमान लगाकर नदी पार होते हैं। कई बार नदी में गाड़ी फंसने सहित कई मामले सामने आए हैं। ज्ञात हो कि वर्ष 2020 में ऊपर तुरियाडीह नदी में पुल निर्माण कार्य में लगे पोकलेन को भाकपा माओवादी नक्सली संगठन ने फूंक डाला था। इस घटना में पोकलेन मशीन पूरी तरह से जल गई थी। घटना के बाद पुल निर्माण कार्य पर ग्रहण लग गया है। ऊपर तुरियाडीह नदी में ग्रामीण विकास विभाग लोहरदगा के माध्यम से निविदा के जरिये 1 करोड़ 39 लाख 43 हजार रुपए की लागत से तीन स्पेन के पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। पल बने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन के लिए राहत मिलती परंतु ग्रामीणों की सुविधा का आप धारा का धरा रह गया। पूर्व में भी लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करते थे और अब भी स्थिति वही है। घटना के बाद से जिला प्रशासन के साथ-साथ किसी भी बड़े पॉलीटिशियन ने भी पुल निर्माण की ओर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जान जोखिम में डालकर नदी पार करते लोग।

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