भास्कर न्यूज | लोहरदगा जीवन के भागदौड़ दिनचर्या में मेडिटेशन न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक शक्ति को भी मजबूती प्रदान करता है। ध्यान एकाग्रता से सरकारी कर्मचारियों में तनाव कम होता है जिससे स्पष्ट एवं सही निर्णय लेने की उनकी क्षमता में अभिवृद्धि होती है। उपायुक्त डॉ कुमार ताराचंद ने उक्त बातें समाहरणालय सभागार में हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट द्वारा जिले के कर्मचारियों को मेडिटेशन के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही। उपायुक्त ने कहा कि मेडिटेशन से मानसिक शांति और एकाग्रता स्थापित होती है जिससे सरकारी अधिकारी और अन्य कर्मी अपने में समन्वय स्थापित कर बेहतर परिणाम दे सकते हैं। मेडिटेशन कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, आईटीडीए परियोजना निदेशक आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार,जिला आपूर्ति पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ,जिला अवर निबंधक सुभाष दत्ता, नजारत उप समाहर्ता अभिनीत सूरज, जिला खेल पदाधिकारी उपवन बाड़ा, हार्टफूलनेस इंस्टीट्यूट के एस के सिंह, अनूप चौहान, सुमन, दीपांकर सहित जिले के कई सरकारी अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।


