बुधवार को दिल्ली का एक्यूआई 336 रहा, यह भोपाल से 8 अंक अधिक ठंड और धुंध के बढ़ते असर के साथ शहर का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। भोपाल का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बुधवार को 300 पार कर गया। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लाइव डेटा के मुताबिक रात 9 बजे के करीब कलेक्टर कार्यालय के पास एक्यूआई 328 पर था, जबकि टीटी नगर में यह 322 तक रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली में बुधवार को एक्यूआई 336 रिकॉर्ड किया गया। यानी वायु प्रदूषण के मामले में भोपाल अब दिल्ली के करीब पहुंच गया है। शहर की हवा में सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों का स्तर लगातार बढ़ रहा है। यह सांस नलियों को सिकोड़कर सांस के गंभीर रोगों का कारण बन रहा है। खतरनाक गैसों से फेफड़ों को नुकसान जीएमसी के एसोसिएट प्रोफेसर व रेस्पिरेटरी डिजीज एक्सपर्ट डॉ. विकास मिश्रा ने बताया कि शहर में वाहनों से निकलने वाला धुआं और अनाधिकृत अलाव जलाने से हवा में सल्फर डाई ऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड का स्तर बढ़ रहा है। ये गैसें फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं। सल्फर डाई ऑक्साइड वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन से निकलती है। इसके संपर्क में आने से फेफड़ों में सूजन और खांसी की समस्या होती है। नाइट्रोजन ऑक्साइड वाहनों और बिजली संयंत्रों से निकलती है। यह सांस की बीमारियों को बढ़ावा देती है और सीओपीडी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। कार्बन मोनोऑक्साइड रंगहीन, गंधहीन गैस वाहनों के टेल पाइप से निकलती है और रक्त में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित करती है। सांस के मरीजों की संख्या 30% तक बढ़ी… पिछले एक हफ्ते में क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीजों की संख्या में 30% तक बढ़ोतरी हो गई है। भोपाल में 15 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनसे निकलने वाला धुआं, कचरा जलना और अलाव जलना भी वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण है। सेहत पर आंच सीओपीडी के मरीज परेशान
बढ़ते प्रदूषण से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीजों को ज्यादा परेशानी हो रही है। हर साल इस बीमारी के मरीजों में 25-30% की बढ़ोतरी हो रही है। देशभर में सीओपीडी मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। सीओपीडी से हर साल 10 लाख लोग दम तोड़ देते हैं।-डॉ. निशांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर, RIRD 300 पार जाता है एवरेज एक्यूआई
पीसीबी दिनभर का औसत एक्यूआई 24 घंटे की मानिटरिंग के आधार पर निकलता है, जो फिलहाल 200-250 के आसपास है। जिस दिन ज्यादा धूल-धुआं होता है, उस दिन एवरेज एक्यूआई 300 के पार भी हुआ है। कुछ इलाकों में ग्राउंड लेवल ओजोन भी बढ़ रही है। -ब्रजेश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी भोपाल


