आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अनुबंधित अस्पतालों में मरीज को दिए जाने वाले इलाज की क्वालिटी को परखा जाएगा। इसकी ऑनलाइन प्रोफाइल सीएम हेल्पलाइन की तर्ज पर बनेगी। इसके जरिये मिली शिकायतों और रेटिंग को देखा जा सकेगा। कॉल सेंटर से मरीजों का फीडबैक नेगेटिव या पॉजिटिव है, यह भी दर्ज किया जाएगा। सरकार की इस पहल से मरीजों और उनके परिवारजनों को सही अस्पताल चुनने में आसानी होगी, खासकर तब, जब उन्हें कई अस्पतालों के विकल्पों के बीच दुविधा का सामना करना पड़ता है। इन पैमानों पर फिट नहीं तो पैनल से बाहर हर अस्पताल की प्रोफाइल बना रहे हैं। हर अस्पताल की रैंकिंग भी तैयार हो रही है। इससे मरीजों और अस्पताल प्रबंधन को भी लाभ होगा। -डॉ. योगेश भरसट, सीईओ, आयुष्मान भारत योजना मप्र


