पब-बार में ओवररेट में बिक रही शराब, इस कमाई में आबकारी-पुलिस का हिस्सा, इसलिए इनकी आंखें बंद

शहर का ऐसा कोई बार या पब नहीं है जो रात 10 बजे के बाद शराब की बिक्री नहीं कर रहा है। बार वाले भले ही रात 12 बजे के बाद दरवाजे बंद कर देते हैं, लेकिन लोगों को जिस ब्रांड की जितनी शराब चाहिए, पांच मिनट में उपलब्ध करा दी जाती है। इसके लिए 200 से 1000 रुपए तक ज्यादा चार्ज किए जाते हैं। भास्कर टीम ने हर उस पब और बार में पहुंची जहां रात 12 बजे के बाद शराब ​बेची जा रही है। इसकी सूचना रायपुर एसएसपी और आबकारी उपायुक्त को दी गई है। अब वे कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में अलग-अलग तरह के कुल 174 बार लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 80 बार लाइसेंस केवल रायपुर वालों को दिए गए हैं। इसके बाद बिलासपुर और भिलाई-दुर्ग को जारी किए गए हैं। दरअसल बार फीस बढ़ने की वजह से कई होटल वालों ने लाइसेंस सरेंडर कर दिया। लेकिन पब और बार वाले लगातार नियमों का उल्लंघन कर लाइसें चला रहे हैं। उनका कहना है कि देर रात शराब नहीं बेचेंगे तो उन्हें घाटा होगा। क्योंकि एक-एक बार के लिए 25 से 40 लाख रुपए तक की फीस लग रही है। रात 1:10 बजे, जौक पब, वीआईपी रोड आराम से शराब पी रहे थे लोग
वीआईपी रोड में स्थित जौक पब में रात 1.10 बजे भी जमकर महफिल सजी थी। तेज आवाज में डीजे बज रहा था। लोग टेबल पर और खड़े होकर शराब पी रहे थे। युवक-युवतियां डांस कर रहे थे। रंगीन लाइट बेहद ऊपर-नीचे हो रही थी, जैसे संगीत की धुन पर डांस कर रही हो। पब में मौजूद लगभग सभी लोग नशे में थे। वहां मिले कुछ युवकों ने बताया कि यहां वीकएंड का नजारा और ही अलग होता है। सुबह 5 बजे तक पार्टी चलती है। बाकी रोजाना 3-4 बजे तक युवाओं का आना-जाना लगा रहता है। रात 12:30 बजे, सवेरा बार, जयस्तंभ चौक शराब बेचने गेट के बाहर खड़े रहते हैं
रिपोर्टर जैसे ही जयस्तंभ चौक के पास स्थित सवेरा बार पहुंचा तो वहां बाहर से गेट लगा था। लेकिन दो कर्मचारी बार के बाहर ही तैनात थे। रात 12.30 बजे तीन-चार लोग आए, बाहर खड़े कर्मचारी से कुछ बात की। युवक जिस हिसाब से बात कर रहे थे लगा कि जान-पहचान पुरानी है। थोड़ी ही देर में कर्मचारी ने गेट खोल दिया और वे अंदर चले गए। रात 1 बजे तक नशे की हालत में लोग बाहर निकलते दिखाई दिए। रात 12:45 बजे, संदीप बार, गुरुनानक चौक
बाहर से बार बंद, अंदर से बिक्री जारी
भास्कर टीम करीब 12.45 को गुरुनानक चौक के पास स्थित संदीप बार पहुंचा। बाहर से आवाज लगाने पर गार्ड ने शटर खोला। रिपोर्टर ने पूछा शराब मिल जाएगी। कर्मचारी ने कहां-हां। काउंटर में बैठे कर्मचारी ने एक पर्ची दी। पर्ची दूसरे काउंटर में दिखाने को कहा। जैसे ही काउंटर में पर्ची दी, उसने शराब की बोतल दे दी। रिपोर्टर ने कागज में लपेटकर देने कहा तो पॉलीथिन में लपेटकर दी। सीधी बात – डॉ. लाल उम्मेद सिंह, एसएसपी थाने वाले रोज जांच कर रहे, जेल भी भेज रहे वीआईपी रोड के सभी पब और बार में रातभर शराब पिला रहे?
-तेलीबांधा थाने के साथ पेट्रोलिंग टीम जांच कर रही।
पुलिस की टीम सड़क से निकल जाती है, अंदर जाती ही नहीं है?
-ऐसा नहीं है। लगातार कार्रवाई हो रही। आरोपियों को जेल भेज रहे हैं।
रात में आसानी से शराब ​मिलने की वजह से हादसे भी हो रहे हैं?
-वीकेंड पर हर जगह जांच हो रही। लाइसेंस निलंबित करवा रहे हैं। नशे की वजह से औसतन रोज हादसे
{ कबीर नगर में 24 जून को युवक मनदीप बेसुध हुआ तो उसे कार से धक्का देकर नीचे फेंक दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। { 24 जून को कलेक्टोरेट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में एक युवक ने नशे की हालत में कार घुसा दी। इस दौरान वहां लगा बैरियर टूट गया। { वीआईपी रोड पर 5 फरवरी की रात तेज रफ्तार कार ने एक्टिवा सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में एक की जान चली गई। भास्कर लाइव रात 12:20 बजे ऑक्टोपस बार, तेलीबांधा रोज रात के 1 बजे तक शराब लेने आ सकते हैं बार के बाहर तैनात कर्मचारी से रिपोर्टर ने पूछा- बियर मिलेगी। कर्मचारी ने कहा- हां कितनी चाहिए। एक बियर दे दो। उसने कहा-450 रुपए लगेंगे। रिपोर्टर बोला कीमत तो 220 है, चाहो तो 250 ले लो। कर्मचारी-ऐसा नहीं चलेगा, इतना रिस्क लेते हैं तो रेट भी लगेगा। रिपोर्टर तैयार हो गया। 450 रुपए देने के बाद कर्मचारी भीतर गया और बियर की बोतल लेकर आया। रिपोर्टर ने फिर पूछा रात में कितने टाइम तक शराब मिल जाती है। कर्मचारी बोला रात 1 बजे तक ले सकते हो। ठीक इसी समय बाहर कुछ छात्र और युवती भी खड़ी थी, जिन्होंने शराब मंगवाई थी। आधे घंटे तक यही सिलसिला जारी रहा।

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