अमृतसर में आज भगवान जगन्नाथ 15 दिनों की बीमारी से स्वस्थ होने के बाद शुक्रवार को भक्तों को दर्शन देने निकले। श्री गौर राधा कृष्ण इस्कॉन मंदिर चौक मौनी से रथ यात्रा का आयोजन किया गया। रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ के साथ बहन सुभद्रा और भाई बलदेव को भी विराजमान किया गया। भक्तों ने आस्था की रस्सी से रथ को खींचते हुए शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया। दुर्गियाना कमेटी की ओर से अलग से पालकी यात्रा का आयोजन किया गया। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा शाम साढ़े 6 बजे निकाली गई। इसमें श्रीमद् जगतगुरु श्री शंकराचार्य शक्ति पीठाधीश्वर स्वामी शारदानंद सरस्वती जी महाराज मुख्य रूप से शामिल हुए। यात्रा के दौरान सरोवर किनारे स्थित सभी मंदिरों में रुकाव किया गया। पंडितों ने भगवान जगन्नाथ की आरती की और पुष्प वर्षा की। भक्तगण हरिनाम संकीर्तन करते हुए रथ के पीछे चलते रहे। इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा में भगवान के रथ को 150 क्विंटल फूलों से सजाया गया। मंदिर प्रबंधन ने इस आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं। भगवान जगन्नाथ हर साल 15 दिनों के लिए बीमार पड़ते हैं। यह एक वार्षिक अनुष्ठान है जिसे ‘अनासरा’ कहा जाता है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को 15 दिनों के लिए एकांतवास में रखा जाता है, और इस दौरान मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद रहते हैं।


