छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट पहुंचने के दो प्रमुख मार्गों में से एक काराबेल-मैनपाट रोड पर पिछले 30 घंटे से भी अधिक समय से जाम लगा हुआ है। एक ट्रक के घाट में ब्रेक डाउन होने के बाद दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। इसके कारण मैनपाट के लिए चलने वाली यात्री बसें और चारपहिया वाहन भी मार्ग में नहीं चल सकी। मैनपाट आने-जाने के प्रमुख मार्ग के बंद हो जाने से लोग दिनभर हलाकान रहे। प्रशासन और पुलिस ने भी पूरे दिन जाम हटाने कोई खास पहल नहीं की। जानकारी के मुताबिक, मैनपाट से बाक्साइट का परिवहन करने वाली एक ट्रक का गुरुवार शाम करीब 4 बजे मैनपाट-काराबेल मुख्य मार्ग में माटीघाट बंजारी धाम के पास गुल्ला टूट गया। बाक्साइट लोड ट्रक का गुल्ला टूटने के कारण ट्रक तिरछा होकर खड़ा हो गया। ट्रक के खड़े हो जाने के बाद दोनों ओर बाक्साइट परिवहन में लगी ट्रकों और अन्य वाहनों की लाइन लग गई। पिछले 26 घंटों से इस मार्ग पर भारी और चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है। नहीं चलीं यात्री बसें, वैकल्पिक मार्ग से पहुंचे लोग
मैनपाट-काराबेल मार्ग के बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है। मैनपाट पहुंचने का सबसे पुराना और प्रमुख मार्ग यही है। इसी मार्ग से भारी वाहनों के साथ यात्री बसें चलती हैं। अंबिकापुर से दरिमा होकर मैनपाट मार्ग पर भारी वाहनों के आवाजाही पर रोक है। कापू होकर मैनपाट जाने वाले मार्ग की दुर्दशा हो गई है। इस सड़क के माध्यम से मैनपाट के लोग एसडीएम मुख्यालय सीतापुर आना-जाना करते हैं। पूरे दिन यात्री बसों के नहीं चलने से लोग परेशान रहे। चारपहिया वाहनों को कापू रोड से होकर मैनपाट आना-जाना पड़ा। भारी वाहन अब तक फंसी हुए हैं। मूक दर्शक बना रहा प्रशासन
शुक्रवार को मार्ग जाम होने की सूचना सीतापुर एसडीएम, मैनपाट तहसीलदार, पुलिस अधिकारियों को दी गई। मैनपाट के थाना प्रभारी ने थाने से कुछ पुलिसकर्मी मौके पर भेजकर अपना फर्ज पूरा कर लिया। पूरे दिन प्रशासन ने जाम हटाने की कोई ठोस पहल नहीं की। इस कारण मार्ग कब तक खुलेगा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रशासन की लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है।


