रिम्स में झारखंड के ग्रामीण और पिछड़े जिलों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 10 बेड आईसीयू क्रिटिकल केयर परियोजना के अंतर्गत एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में आधुनिक आईसीयू सुविधाओं की स्थापना कर शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के बीच की खाई को पाटना है। कोविड-19 महामारी की डेल्टा लहर के दौरान उपजे संकट के बाद इस परियोजना की संकल्पना की गई, जिसे कोल इंडिया लिमिटेड के सहयोग, झारखंड सरकार के समन्वय और ई-गवर्नमेंट फाउंडेशन के तकनीकी क्रियान्वयन से जमीन पर उतारा जा रहा है। परियोजना के प्रथम चरण में झारखंड के रांची, गुमला, लातेहार, चतरा और खूंटी जिलों के सदर अस्पतालों को चुना गया है, जिन्हें रिम्स स्थित टेली-आईसीयू हब से जोड़ा गया है। सभी अस्पतालों में क्रिटिकल केयर उपकरण, केयर ईएमआर प्लेटफॉर्म, और एकीकृत टेली-आईसीयू प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। उक्त जानकारी रिम्स क्रिटिकल केयर के हेड डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य ने दी। उन्होंने बताया कि रिम्स में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में पांचों जिलों के डॉक्टरों, फिजिशियनों और नर्सिंग स्टाफ ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में कई अहम विषय शामिल रहे, जिनमें बीएलएस और एसीएलएस विषय पर भुवनेश्वर से प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।


