रोपाई में लागत ज्यादा इसलिए सीड ड्रिल से धान की बुआई

भास्कर न्यूज | कवर्धा/ बोडतरा खुर्द कबीरधाम जिले के किसानों को मौसम का अच्छा साथ मिल रहा है। जिले में इस मानसून अब तक औसतन 64.6 मिमी बारिश हुई है। शुक्रवार को जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई है। बारिश के बाद कृषि कार्य में तेजी आ गई है। किसान सीड ड्रिल से धान की बुआई कर रहे हैं। जिले के बोडतरा खुर्द क्षेत्र में बारिश के बाद धान की रोपाई शुरू हो गया। ग्राम कुम्ही, केसली, छीतापार, नवागांव-गजरी, खैरवार, बेलमुड़ा समेत अन्य गांव में रोपाई कार्य जारी है। जिन किसान के धान की नर्सरी तैयार हो गया है, रोपा लगा रहे है। हालांकि रोपा धान का रकबा दिनों दिन घट रहा है। किसानों की रुझान लेई विधि व सीड ड्रिल से धान की बुआई के प्रति ज्यादा है। इसका मुख्य कारण धान की रोपाई में लागत बढ़ना है। दरअसल प्रति वर्ष लगभग 1000-1500 रुपए मजदूरी बढ़ रहा है। बीते वर्ष जहां प्रति एकड़ 4000 रुपए से शुरू हुआ जो 4500 रुपए तक गया था। इस वर्ष प्रति एकड़ 5500 रुपए से रोपाई की शुरुआत हुई है। किसान रोपाई के बढ़ते कीमत विकल्प के रूप में लेई से धान की छिड़काव कर बुआई या सीड ड्रिल से बुआई कर रहे हैं। इस वर्ष केवल पंडरिया ब्लॉक के विभिन्न गांव के किसानों ने लगभग 250 एकड़ रकबा में सीड ड्रिल से बुआई की है। बोडतरा खुर्द क्षेत्र में धान का रकबा सबसे ज्यादा बोडतरा खुर्द क्षेत्र में इस साल सबसे ज्यादा धान की खेती की जा रही है। यही कारण है कि इस साल यहां धान रकबा बढ़ेगा। हालांकि अगस्त के बाद शुरू होने वाले गिरदावरी सर्वे (खेत में जाकर फसल मूल्यांकन) के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। किसान ठाकुर कुंजबिहारी सिंह भुवाल ने बताया कि बीते वर्ष की तुलना में रोपाई के लिए मजदूरी रेट बढ़ रहा है। इस कारण किसान सीड ड्रिल से बुआई कर रहे हैं। वे खुद अपने 11 एकड़ खेत में धान की बुआई सीड ड्रिल से किए हैं। वर्तमान में बारिश कम हुई है फिर भी रोपाई व बुआई का दौर जारी है।

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