भारत माला प्रोजेक्ट मालमे में करोड़ों रुपये के घोटाले में नामजद राजस्व विभाग के छह अधिकारियों के खिलाफ रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 84 के तहत उद्घोषणा जारी की है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 29 जुलाई 2025 तक स्वयं उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इनमें SDM , तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत 3 पटवारियों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने उन्हें खुद हाजिर होने के लिए कहा है। अगर वे तय तारीख तक पेश नहीं होते, तो आगे और सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इन अधिकारियों के खिलाफ उद्घोषणा जारी क्या कहा गया उद्घोषणा में? प्रमुख में बताया गया है कि आरोपी निर्भय कुमार साहू समेत 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जारी वारंट को यह कहते हुए वापस कर दिया गया कि वह फरार है या गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को छिपा रहा है। इसके बाद कोर्ट ने विधि अनुसार उद्घोषणा जारी की है, जिसमें सभी आरोपियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि वे 29 जुलाई को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके विरुद्ध गैरजमानती वारंट और संपत्ति कुर्की जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट कब जारी करती है उद्घोषणा जब कोई व्यक्ति, आमतौर पर कोई आरोपी, बार-बार कोर्ट की तारीखों पर पेश नहीं होता, तो अदालत एक सार्वजनिक ऐलान (उद्घोषणा) करती है कि उस व्यक्ति को तय तारीख तक अदालत में पेश होना है। यह ऐलान अखबार, सार्वजनिक जगहों या नोटिस बोर्ड पर चिपकाकर किया जाता है, ताकि सबको जानकारी हो और वह व्यक्ति छिप न सके। आरोपी तारीख तक अदालत में उपस्थित नहीं होता तो उसके खिलाफ कोर्ट गैरजमानती वारंट या कुर्की जैसी सख्त कार्रवाई करता है। जानिए क्या है भारतमाला परियोजना ? भारतमाला परियोजना एक राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना हैं, जो भारत सरकार की है। इसके तहत नए राजमार्ग के अलावा उन परियोजनाओं को भी पूरा किया जाएगा जो अब तक अधूरे हैं। इसी के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक करीब 463 किमी लंबी नई फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। अब जानिए कैसे हुआ घोटाला ? भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। कुछ दिनों पहले इस केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से अधिक राशि की गड़बड़ी का आरोप है। जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ रुपए पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है।


