माना स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल में शनिवार 28 जून से ऑटोमेटेड पार्किंग शुरू कर दी गई है। इस सिस्टम से यात्रियों और पार्किंग ठेका कर्मचारियों के बीच 5 मिनट की फ्री पार्किंग को लेकर होने वाला विवाद खत्म हो जाएगा। मशीन से निकली पर्ची में वाहन की एंट्री का समय दर्ज रहेगा। इस वजह से ठेकेदार के कर्मचारी यात्रियों से पांच मिनट ज्यादा होने का हवाला देकर पैसे नहीं वसूल सकेंगे। हालांकि पहले ही दिन ये सिस्टम फेल हो गया। एंट्री गेट पर वाहन चालकों को पर्ची देने वाली एटीएम जैसी डिस्पेंसर मशीन बार-बार अटक रही थी। इस वजह से एंट्री गेट पर वाहनों की कतार लग गई। वाहन चालकों के विरोध के बाद हाथ से एंट्री की पर्ची बनाकर दी गई। नए सिस्टम में एक्जिट यानी बाहर निकलने वाले गेट पर फास्टैग से पार्किंग शुल्क कटेगा। इस वजह से यहां भी कतार नहीं लगानी पड़ेगी। यानी एयरपोर्ट 5 मिनट की फ्री पार्किंग के बाद जो शुल्क लिया जा रहा है, उसे बढ़ाया नहीं गया है। इस सिस्टम एयरपोर्ट पर 5 मिनट की फ्री पार्किंग का विवाद लगभग खत्म हो जाएगा। मौजूदा सिस्टम में वाहनों की एंट्री पर एयरपोर्ट के गेट पर पर्ची दी जाती है। उसमें एंट्री का समय लिखा जाता है। इस समय से 5 मिनट के भीतर अगर वाहन बाहर निकल जाए तो पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाता है। ठेकेदार के कर्मचारी यहीं मनमानी करते हैं। 5 मिनट का टाइम पूरा नहीं होता और वे एक्जिट गेट पर निर्धारित शुल्क से भी ज्यादा पैसे लेते हैं। कई बार इस घटना का वीडियो वायरल हो चुका है, लेकिन ठेकेदार के कर्मचारियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। आटोमेटिक सिस्टम में पर्ची में मशीन वाहन की एंट्री का टाइम दर्ज करेगी। इस वजह से उसमें गड़बड़ी नहीं की जा सकेगी और 5 मिनट के भीतर वाहन चालक बिना विवाद बाहर निकल जाएंगे। 5 मिनट का समय नहीं गुजरा होगा तो अपने आप खुलेगा एक्जिट गेट
एयरपोर्ट पर एंट्री के 5 मिनट के भीतर अगर वाहन बाहर निकलती है तो एक्जिट गेट खुद खुल जाएगा। समय 5 मिनट से ज्यादा होने पर फास्ट टैग से पैसे कट जाएंगे और बैरियर खुल जाएगा। अफसरों के अनुसार जिन गाड़ियों में फास्ट टैग नहीं लगा होगा, उनसे पुराने सिस्टम से पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने शुरू किया सिस्टम
एयरपोर्ट डायरेक्टर ने शुक्रवार-शनिवार आधी रात को इस सिस्टम की शुरुआत की। अफसरों के अनुसार पार्किंग एंट्री पर ऑटोमेटेड सिस्टम से पर्ची निकलेगी। ये एटीएम मशीन की तरह है। लोग आसानी से गाड़ी में बैठे बैठे ऑपरेट कर खुद उसमें से पर्ची निकाल सकेंगे। पर्ची में वाहन का नंबर और एंट्री का समय दर्ज रहेगा। मशीन से ये पर्ची हाथ में लेते ही पार्किंग एंट्री पर लगा बूम बैरियर खुल जाएगा।
एक दिन में ढाई से तीन हजार गाड़ियां
एयरपोर्ट पर लोगों को लेने और छोड़ने रोज औसतन ढाई से तीन हजार गाड़ियां आती हैं। इनमें बाइक, मोपेड, कार और कमर्शियल वाहन शामिल होते हैं। इनमें सौ-डेढ़ सौ वीआईपी गाड़ियां ऐसी होती हैं जिनकी पार्किंग का शुल्क नहीं लिया जाता है। खासबातें


