अब अगर किसी वाहन चालक से अनजाने में भी गौवंश को टक्कर हो जाती है, तो उसे भागने के बजाय एक दिन की गौसेवा करनी होगी। ये पहल राजधानी रायपुर के बाना गुमा स्थित लीलावती देवी भगवान दास गौशाला की है। यहां के सेवादार इसे गौ-मंदिर कहते हैं। इस नई व्यवस्था के तहत यदि किसी वाहन से गौवंश को चोट पहुंचती है, तो चालक को भागने की बजाय तुरंत घटना की जानकारी देनी होगी। गौ-मंदिर के सेवा साथी उस जगह पर पहुंच कर गौवंश को रेस्क्यू कर वापस गौ-मंदिर ले आते हैं। यहां उनकी देखभाल करते हैं। वहीं जिसकी गाड़ी से टक्कर लगी है, उस वाहन के ड्राइवर से गौ-मंदिर में आकर एक दिन की सेवा करने की अपील भी करते हैं। गौ-मंदिर के सेवादार आदेश सोनी बताते हैं कि जिंदल परिवार द्वारा 2023 में 12 एकड़ में ये गौ-मंदिर बनवाया गया। यहां सिर्फ रेस्क्यू कर लाई गई गायों को रखा जाता है। फिलहाल यहां 400 से अधिक गौवंश हैं। यहां किसी से एक रुपए का भी दान नहीं लिया जाता। किसी की गाड़ी से गौवंश चोटिल हो गए हों तो वो डर के भागे नहीं, बल्कि सूचना दें, ताकि समय पर गौवंश को इलाज मिल सके। पहल ताकि दयालु नहीं, जिम्मेदारी बनें लोग
आदेश बताते हैं कि गौवंशों के प्रति लोग दया दिखाकर घायल होने की सूचना देते हैं। हम रेस्क्यू करने जाते भी हैं, लेकिन कई बार हम सटीक स्थान पर नहीं पहुंच पाते। ऐसे में जब हम वापस सूचनादाता से संपर्क करने की कोशिश करते हैं तो संपर्क नहीं हो पाता। इसलिए सिर्फ दया नहीं, जिम्मेदारी भी जरूरी है। 3 माह में 20 लोगों ने इस तरह प्रायश्चित किया
परमेश्वर साहू बताते हैं कि रात के अंधेरे में उनकी गाड़ी से टकराने के बाद गाय के पैर में चोट आ गई थी। तब उन्होंने खुद ही गाड़ी कर गाय को गौ-मंदिर पहुंचाया। यहां के सेवादारों ने परमेश्वर को बताया कि प्रायश्चित के तौर पर उन्हें गौ-मंदिर में गौवंशों की सेवा करनी होगी। परमेश्वर ने 2 दिन सेवा की और हमेशा के लिए मांसाहार भी छोड़ दिया। उनके अलावा 3 माह में 20 लोगों ने इस तरह प्रायश्चित किया। हेल्पलाइन नं. पर दे सकते हैं सूचना, 130 लोग दे रहे सेवा गौवंशों के साथ बारिश में अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। उनका समय पर रेस्क्यू करने गौ-रेस्क्यू मॉडल बनाया है। इसके तहत रायपुर को अयोध्या और वृंदावन जोन में बांटा गया है। अयोध्या (ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र) के लिए हेल्पलाइन 8959522272, जबकि वृंदावन(शहरी क्षेत्र) के लिए 8959522222 हैं। यहां हाईटेक हाइड्रोलिक एंबुलेंस तैनात की गई हैं। सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए 130 सेवासाथी शहर के कोने-कोने से जुड़े हैं।


