‘बाइक-बोट-स्कीम’ से 2800 करोड़ की ठगी:सालाना 1 लाख कमीशन का लालच देकर फ्रॉड, राजस्थान से प्रोडक्शन-वारंट पर 3 आरोपियों को रायपुर लाई पुलिस

देशभर में बहुचर्चित ‘बाइक बोट स्कीम’ ठगी केस की जांच में रायपुर पुलिस की भी एंट्री हो गई है। राजस्थान जेल में बंद 3 आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाकर पूछताछ कर रही है। आरोपियों ने 2800 करोड़ से ज्यादा की रुपए की ठगी की है। पीड़ितों में रायपुर निवासी अखिल कुमार बिसोई भी शामिल है। मिली जानकारी के मुताबिक 2019 में अखिल कुमार बिसोई ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि वह भी ठगी का शिकार हुआ। उत्तर प्रदेश की कंपनी मेसर्स गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के डायरेक्टर संजय भाटी, सचिन भाटी और अन्य लोगों ने मिलकर ठगी की है । बाइक बोट स्कीम के नाम से 62 हजार 100 रुपए जमा कराया। हर महीने 9 हजार 765 रुपए रिटर्न देने का प्रलोभन दिया। बाद में जब रिटर्न आना बंद हुआ, तो लोगों को ठगी का एहसास हुआ। इसी तरह करीब 1 लाख 50 हजार लोगों से कई राज्यों में ठगी की। इसमें ED ने कई आरोपियों की संपत्तियों को अटैच कर लिया है। अब जानिए क्या है बाइक बोट घोटाला ? दरअसल, ग्रेटर नोएडा के ग्राम चीती निवासी संजय भाटी ने 2010 में गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई। 2018 में संजय ने बाइक बोट स्कीम लांच करते हुए बाइक टैक्सी की शुरुआत की। इसके तहत एक निवेशक से एक बाइक की कीमत करीब 62 हजार रुपए लिए गए। उन्हें हर महीने 9765 रुपए लौटाने का वायदा किया गया। तकरीबन एक साल में निवेशकों को एक बाइक की कीमत वसूल हो गई। स्कीम अच्छी देख निवेशकों ने करोड़ों रुपए इस पौंजी स्कीम में लगा दिए। एक साल बाद कंपनी ने रुपए लौटाने बंद कर दिए। कंपनी अपने निवेशकों के हजारों करोड़ लेकर फरार हो गई। इसके बाद धड़ाधड़ मुकदमे दर्ज होने शुरू हुए। दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत देशभर में करीब 500 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए। डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों से ठगी आरोपी की कंपनी में करीब 12,000 कर्मचारी थे। वह 10,000 से ज़्यादा बाइक टैक्सी चलाता था। आरोपी ने कई राज्यों में करीब 1,50,000 लोगों से धोखाधड़ी की है। नवंबर-दिसंबर 2018 में जब कंपनी ने किश्तें देनी बंद कर दीं, तो निवेशकों ने आगे आकर शिकायत दर्ज कराई। इन राज्यों में दर्ज है केस पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ उत्तरप्रदेश में 150, राजस्थान में 50, मध्यप्रदेश में 6, गुजरात, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, नागपुर महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और अन्य राज्यों में केस दर्ज है। आरोपियों को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद यह भरतपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। अब आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर पुलिस रायपुर लेकर आई है। आरोपी संजय भाटी के खिलाफ धारा 138 NIA एक्ट के तहत हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तरप्रदेश में 1500 से अधिक केस दर्ज हैं। ये धारा चेक बाउंस से जुड़ी है। ये आरोपी गिरफ्तार कैसे झांसे में लिया गया इन शातिर ठगों ने गर्वित इनोवेटिव प्रोमोटर्स प्रा. लि. (GIPL) के डायरेक्टर बनकर लोगों को विश्वास में लेकर ओला, उबर की तरफ से बाइक बोट के नाम से कंपनी खोल ली। इसमें चेन सिस्टम से लोगों को हर महीने कमीशन कमाने के लालच दिया और कंपनी में करोड़ों रुपए की रकम निवेश करवा ली। पेशे से केमिकल इंजीनियर है गैंग का मास्टरमाइंड जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी (साउथ) हरेंद्र महावर के मुताबिक, गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय भाटी पेशे से केमिकल इंजीनियर है। जिसने गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक​​​​​​ कॉलेज, काशीपुर उत्तराखंड से केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। ये कई कंपनियों का संचालन कर रहा था। जानिए इस केस में अब तक क्या-क्या हुआ ……………………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… जामताड़ा के करोड़पति ने ठगे 1 करोड़ 15 लाख:APK-फाइल से 5 राज्यों में फ्रॉड, क्लिक करते ही कट जाते थे पैसे, मुंबई-झारखंड से पकड़ाए झारखंड के करोड़पति ठग अब्दुल मजीद ने छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों के लोगों से 1 करोड़ 15 लाख की ठगी की है। ठगों ने APK फाइल (एंड्रॉइड पैकेज किट) के माध्यम से फोन हैक कर वारदात को अंजाम दिया। क्लिक करते ही खाते से पैसे कट जाते थे। पढ़ें पूरी खबर…

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